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'15 आश्रमों पर माफियाओं का कब्जा, प्रेमानंद की जान को खतरा', संतों का दावा

शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा फलाहारी ने कहा कि केलि कुंज में नकली संतों का जो गुट रह रहा है, उसने वृंदावन में करीब 15 आश्रमों पर कब्जा कर रखा है. ये लोग यहां प्रॉपर्टी का धंधा कर रहे हैं. इसलिए प्रेमानंद महाराज इनसे दुखी होकर 20 किलोमीटर दूर बेलवन आश्रम चले गए हैं.

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वृंदावन के कुछ संतों ने दावा किया है कि यहां साधु के भेष में छिपे माफियाओं ने 15 आश्रमों पर कब्जा कर रखा है. (Photo: ITG)
वृंदावन के कुछ संतों ने दावा किया है कि यहां साधु के भेष में छिपे माफियाओं ने 15 आश्रमों पर कब्जा कर रखा है. (Photo: ITG)

प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक शरण दुलारी की मौत को 15 दिन हो चुके हैं. लेकिन पुलिस अब तक उनकी मौत के रहस्य को सुलझा नहीं पाई है. हालांकि पिछले दो हफ्तों से वृंदावन में काफी उथल-पुथल मची है. पहले कुछ परिवारों ने अपने परिजनों की गमुशुदगी का मुद्दा उठाते हुए केलि कुंज आश्रम के बाहर हंगामा किया. अब वृंदावन के कुछ संतों ने दावा किया है कि यहां साधु के भेष में छिपे माफियाओं ने 15 आश्रमों पर कब्जा कर रखा है. इनसे प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा भी है.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा फलाहारी ने बहुत बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि मैं काफी समय से प्रेमानंद महाराज से जुड़ा हूं. इसलिए मुझे आश्रम की बहुत अंदर तक जानकारी है कि वहां क्या हो रहा है. उन्होंने कहा कि वृंदावन का केली कुंज आश्रम अब भूमाफियाओं का केंद्र बन गया है. प्रेमानंद के आश्रम में दो गुट बन गए हैं. एक असली और दूसरा नकली संतों का गुट. इस दूसरे गुट से खुद प्रेमानंद भी बहुत दुखी हैं.

केलि कुंज आश्रम छोड़कर कहां गए प्रेमानंद?
उन्होंने आगे कहा कि केलि कुंज में नकली संतों का जो गुट रह रहा है, उसने वृंदावन में करीब 15 आश्रमों पर कब्जा कर रखा है. ये लोग यहां प्रॉपर्टी का धंधा कर रहे हैं. इसलिए प्रेमानंद महाराज इनसे दुखी होकर 20 किलोमीटर दूर बेलवन आश्रम चले गए हैं. सभी सच्चे और असली संत भी उनके साथ बेलवन चले गए हैं. इसलिए हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर संत प्रेमानंद के लिए जेड प्लस सिक्योरिटी की मांग की है, क्योंकि इस संतों के दूसरे नकली गुट से प्रेमानंद जी की जान को खतरा है.

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मथुरा की साध्वी इंदुलेखा और महामंडलेश्वर राधानंद गिरि ने भी कुछ ऐसे ही दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि वृंदावन में कुछ असामाजिक तत्व संत प्रेमानंद की छवि बिगाड़ रहे हैं. प्रेमानंद महाराज की आड़ में ये लोग अवैध जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं. इन लोगों के आतंक से लोग बहुत परेशान हैं. इन घुसपैठियों की वजह से सच्चे संत की छवि बिगड़ रही है. यही कारण है कि प्रेमानंद महाराज केलि कुंज आश्रम को छोड़कर बेलवन चले गए हैं. उनसे जुड़े सभी सच्चे साधक भी उनके साथ गए हैं. अब ये लोग वहीं रहकर पूजा-पाठ, तपस्या आदि कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?
25 सितंबर को प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण ने वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. इस घटना के बाद दीपक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था और बहुत ज्यादा ब्लीडिंग से उनकी मौत हुई है. इसके बाद दीपक के परिजनों ने आश्रम आकर लोगों से घटना के पीछे का कारण पूछा तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. हालांकि पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो उन्हें दीपक के कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइडंर बरामद हुआ. इसके बाद यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ने लगा. फिर कुछ और परिवारों ने अपने परिजनों की गुमशुदगी का मुद्दा उठाते हुए केलि कुंज आश्रम के बाहर हंगामा और नारेबाजी की.

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