Bada Mangal 2026: 2025 के प्रयागराज महाकुंभ की वायरल साध्वी हुई हर्षा रिछारिया ने ज्येष्ठ के बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजन विधि बताई है. ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल 5 मई यानी कल है. इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. कहते हैं कि ज्येष्ठ के बड़े मंगल पर विधिवत पूजा से बजरंगबली की कृपा हमेशा बनी रहती है. ऐसे लोगों के जीवन की हर बाधा वीर बजरंगी हर लेते हैं. आइए जानते हैं कि साध्वी हर्षा रिछारिया ने ज्येष्ठ के बड़े मंगल की पूजन विधि क्या बताई है.
बड़ा मंगल क्यों मनाया जाता है?
हर्षा रिछारिया ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर बताया कि भीम को अपने बल का अहंकार हो गया था. तब वन में वृद्ध वानर का रूप धारण कर हनुमान ने उनकी परीक्षा ले ली. जब हनुमान ने भीम से अपनी पूंछ हटाकर रास्ता ने का कहा तो भीम ने अपनी पूरी ताकत लगा दी. लेकिन वो हनुमान जी की पूंछ को हिला भी नहीं सके. तब उन्हें हनुमान जी की महिमा का ज्ञान हुआ. यह घटना ज्येष्ठ मास के मंगलवार को हुई थी. इसलिए इसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है.
ज्येष्ठ मंगलवार की पूजन सामग्री
लाल फूल
सिंदूर
चमेली का तेल
जनेऊ
तुलसी दल या पान का बीड़ा
बूंदी/लड्डू
दीप और धूप
ज्येष्ठ मंगलवार की सरल पूजन विधि
हर्षा रिछारिया ने बताया कि ज्येष्ठ के मंगलवार को प्रातः स्नान कर स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण करें. फिर हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें. इसका लेप बनाकर भी हनुमान जी को लगाया जा सकता है. हनुमान जी को ये लेप अर्पित करने की प्रक्रिया को चोला चढ़ाना भी कहते हैं. इसके बाद दीपक जलाकर हनुमान चालीसा पढ़ें. 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का जप करें. प्रसाद बांटें और यथाशक्ति दान करें. इस दिन हनुमान जी को रोट का भोग अर्पित करना बहुत उत्तम माना जाता है.
बड़े मंगल पर जरूर करें ये काम
हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करें
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें
भंडारा और शरबत वितरण करें
हनुमान जी को बूंदी, रोट, चोला, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें.
व्रत-पूजा के बाद दान-पुण्य करें.
ज्येष्ठ मंगलवार को बजरंगबली की पूजा से लाभ
हर्षा रिछारिया का कहना है कि बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा से संकट दूर होते हैं. रोग, भय और बाधाओं से व्यक्ति की रक्षा होती है. मनोबल और साहस बढ़ता है. शनि और अन्य ग्रह दोषों से राहत मिलती है.