ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को 'बड़ा मंगल' (Bada Mangal) कहा जाता है. हिंदू धर्म में बड़ा मंगल का विशेष महत्व माना जाता है. बड़ा मंगल को 'बुढ़वा मंगल' के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन हनुमान जी की उपासना करने से विशेष फल प्राप्त होता है. बड़ा मंगल के दिन कई जगहों पर लोग भंडारा कराते हैं. मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी श्री राम से इसी दिन मिले थे.
माना जाता है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से जातक के हर एक कष्ट और बाधा दूर होती है. यह त्योहार विशेष रूप से अवध और लखनऊ में मनाया जाता है. साल 2024 में ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल 28 मई को है. ज्योतिषियों की मानें तो बड़ा मंगल के दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं.
साल भर में कुल चार बड़ा मंगल होता है. पहला बड़ा मंगल 28 मई को और दूसरा बड़ा मंगल 4 जून को मनाया जाएगा. 11 जून को तीसरा बड़ा मंगल और 18 जून को चौथा बड़ा मंगल पड़ेगा.
बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन पूजा- अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और सभी दुखों का नाश होता है. इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए.
23 जून का ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल है. ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, यदि पूजा पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ की जाए तो उसका प्रभाव और भी अधिक होता है. शाम या रात के समय हनुमान जी की पूजा और भी फलदायी मानी जाती है.
Bada Mangal 2026: आज ज्येष्ठ माह का आठवां और आखिरी बड़ा मंगलवार है. आज के दिन रवि योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है. जानें बजरंगबली की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त, सरल विधि और भोग के नियम.
बड़े मंगल पर व्रत और पूजा से जीवन की सारी बाधाएं दूर होती हैं. इस दिन भक्तों को उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मिलता है. यदि आपने इस वर्ष अब तक बड़ा मंगल का व्रत या पूजन नहीं किया है, तो अंतिम बड़े मंगल पर श्रद्धा और विधि-विधान के साथ शुभ मुहूर्त में हनुमान जी की पूजा कर लें.
Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल का दिन हनुमान भक्तों के लिए बहुत ही खास माना जाता है. कई लोग शनि की साढ़ेसाती या शनि ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए बड़ा मंगल का व्रत रखते हैं. माना जाता है कि हनुमान जी शनि के प्रभाव को संतुलित करने में सहायता करते हैं.
सनातन परंपरा में ज्येष्ठ के मंगलवार का विशेष महत्व बताया गया है. त्रेतायुग में ही ज्येष्ठ माह के मंगलवार को राम और हनुमान पहली बार मिलन हुआ था. इसी कारण इस महीने के मंगलवार को विशेष रूप से बजरंगबली की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है.
Bada Mangal 2026: आज ज्येष्ठ मास का तीसरा बड़ा मंगल (बुढ़वा मंगल) है. हनुमान भक्तों के लिए यह दिन बेहद खास और कल्याणकारी माना जाता है. आइए जानते हैं कि आज बजरंगबली को प्रसन्न करने का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या रहेगी.
19 मई को ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल है. ज्येष्ठ मास में हनुमानजी के वृद्ध स्वरूप की पूजा का विधान बताया गया है. इसलिए इसे बढ़वा मंगल भी कहा जाता है. तीसरे बड़ मंगल पर हनुमान जी की पूजा के लिए पांच शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं.
पाकिस्तान के कराची शहर में मौजूद इस ऐतिहासिक मंदिर को 'पंचमुखी हनुमान मंदिर' के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर को करीब 1500 साल पुराना बताया जाता है. इसे पाकिस्तान के उन चुनिंदा मंदिरों में गिना जाता है, जो बड़े उतार-चढ़ाव के बावजूद आज भी सुरक्षित हैं और भक्ति की अकल्पनीय मिसाल बने हुए हैं.
आज ज्येष्ठ के दूसरे बड़े मंगल पर रुचक और धन योग बन रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह दुर्लभ संयोग तीन राशियों को शुभ फल दे सकता है. इन राशियों की तकदीर एकदम से करवट ले सकती है.
Second Bada Mangal 2026: दूसरे बड़े मंगल पर आज पंचक का साए के संयोग का बन रहा है. तो आइए जानते हैं कि आज हनुमान जी के पूजन का मुहूर्त, विधि, मंत्र और नियम क्या क्या हैं.
इस बार ज्येष्ठ का दूसरा बड़ा मंगल 12 मई को पड़ रहा है. इस दिन सुबह से लेकर शाम तक हनुमान जी की पूजा के तीन विशिष्ट मुहूर्त रहने वाले हैं. मान्यता है कि बड़े मंगल पर हनुमान जी को चोला चढ़ाने से मनचाही प्रार्थना स्वीकार हो जाती है.
ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल आज है. बडे़ मंगल पर हनुमान जी को उनकी प्रिय चीजों का भोग जरूर लगाएं. हनुमान जी की पूजा में रोट या चूरमा, बूंदी, बूंदी के लड्डू, गुड़-चना, केसर भात और पान के बीड़े का भोग अर्पित किया जाता है.
Bada Mangal 2026 Rashifal: बड़ा मंगल की शुरुआत आज हो चुकी है और यह समय बेहद शुभ माना जा रहा है. जानें हनुमान जी की कौन-सी प्रिय राशियां हैं, जिन पर इस दौरान खास कृपा बरस सकती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं.
Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल जिसे बुढ़वा मंगल भी कहते हैं. यह हर साल ज्येष्ठ में आता है. मान्यता है कि जो व्यक्ति ज्येष्ठ मास में हनुमानजी की पूजा अर्चना-उपासना करता है, उसे परम पुण्य की प्राप्ति होती है. जो लोग मंगल दोष से परेशान है वह भी इस दिन हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए खास उपाय कर सकते हैं. हनुमानजी को अमरता का वरदान मिला हुआ है इसलिए उन्हें कलियुग का देवता भी कहा जाता है.
5 मई को सुबह 4 बजकर 12 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 55 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा. इस दौरान आप स्नानादि करके व्रत-पूजा का संकल्प ले लीजिए. इसी शुभ घड़ी में सुबह की पूजा कर लेना भी उत्तम होगा. हालांकि इसके बाद दोपहर और शाम को भी पूजा के लिए अलग मुहूर्त रहने वाले हैं.
बड़े मंगल पर भंडारा कराने की शुरुआत अवध के नवाब मोहम्मद वाजिद अली शाह के समय से शुरू हुई थी. करीब 200 साल पहले शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है. आज न सिर्फ लखनऊ, बल्कि देश के विभिन्न शहरों और हनुमान जी के प्रमुख मंदिरों में जमकर लंगर चलता है.
ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल 5 मई यानी कल है. इस बीच 2025 के प्रयागराज महाकुंभ में वायरल साध्वी के रूप में फेमस हुई हर्षा रिछारिया ने ज्येष्ठ के मंगल की पूजन विधि बताई है. उन्होंने ज्येष्ठ में हनुमान की पूजा का लाभ भी बताया है.
Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा और कुछ खास उपाय करने से शनि दोष और साढ़ेसाती के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं कि कौन से उपाय आपको राहत दिला सकते हैं.
Budhwa mangal 2026: ज्येष्ठ महीने का बड़ा मंगल बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन इस दिन की गई छोटी-छोटी गलतियां आपकी पूजा का फल कम कर सकती हैं. तो आइए जानते हैं कि बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए किन कामों से बचना चाहिए और क्या हैं सही नियम.
मई के महीने में नारद जयंती, वट सावित्री व्रत और गंगा दशहरा जैसे कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं. इस महीने 17 तारीख से अधिक मास भी आरंभ होगा. मई में ज्येष्ठ माह के चार बड़े मंगल भी रहने वाले हैं.
चंद्रमा के आधार पर एक साल लगभग 354-355 दिनों का होता है. जबकि सूर्य के आधार पर एक वर्ष 365 दिन का माना जाता है. इसी अंतर को कम करने के लिए हर तीसरे साल एक अतिरिक्त माह जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहते हैं.