मान्यता है कि बुध देव की नियमित पूजा-अर्चना, आरती करने से कुंडली में बुध ग्रह से जुड़े दोष शांत होने लगते हैं. इससे व्यक्ति की बुद्धि, तर्क शक्ति और बोलने की क्षमता बेहतर होती है. साथ ही व्यापार और करियर में लाभ मिलने की मान्यता है. बुध ग्रह को मजबूत करने से त्वचा और नसों से जुड़ी परेशानियों में भी राहत मिल सकती है.
ॐ जय बुध देव हरे, प्रभु जय बुध देव हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय बुध देव हरे...
शीत चंद्र के सुत तुम, क्षीर समुद्र प्रगटे।
हेम मुकुट सिर सोहे, नैनन छवि अटके॥ ॐ जय बुध देव हरे...
रुद्र रूप धर तुम ही, जग के हितकारी।
भक्तों की पीड़ा हरते, सब जग के सुखकारी॥ ॐ जय बुध देव हरे...
तन पर पीत अम्बर, माला गल सोहे।
दर्शन पावत साधु, सुर नर मुनि मोहे॥ ॐ जय बुध देव हरे...
जो जन तेरी आरती, प्रेम सहित गावे।
सो निश्चय ही मनवांछित, फल पावे॥ ॐ जय बुध देव हरे...
बुध देव की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय बुध देव हरे...
-------समाप्त-------