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अन्नपूर्णा जी की आरती

अन्नपूर्णा जी की आरती

श्री अन्नपूर्णा माता की आरती का नियमित पाठ करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है. यह आरती दरिद्रता को दूर कर उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करती है तथा जीवन से अन्न और साधनों की कमी को समाप्त करती है. इसके प्रभाव से माता अन्नपूर्णा की कृपा सदैव बनी रहती है, जिससे परिवार में संतोष और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

अन्नपूर्णा जी की आरती
अन्नपूर्णा जी की आरती

 

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम  
जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम 
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम.

 

प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम
सुर सुरों की रचना करती, कहां कृष्ण कहां राम ॥ 
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम. 

 

चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम 
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम ॥ 
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम. 

 

देवि देव! दयनीय दशा में, दया-दया तब नाम
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल, शरण रूप तब धाम ॥ 
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम. 

 

श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या, श्री क्लीं कमला काम 
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी, वर दे तू निष्काम ॥ 
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम.

 

-------समाप्त-------

समाप्त

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