अस्पताल में मरीज अपनी बीमारी का इलाज कराने पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर के कमरे में जो नजारा उनका इंतजार कर रहा था, उसे देखकर हर कोई सहम गया. डॉक्टर की कुर्सी पर आराम से कुंडली मारकर बैठा एक सांप फन फैलाए नजर आया. कुछ पल के लिए कमरे में मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और फिर देखते ही देखते पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई.
राजस्थान के पाली जिले के बांगड़ अस्पताल में बुधवार सुबह हुई इस घटना ने मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों को हैरान कर दिया. राहत की बात यह रही कि समय रहते सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा. जानकारी के अनुसार, सुबह ओपीडी शुरू होने से पहले कुछ मरीज हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही कमरे का दरवाजा खुला, अंदर मौजूद लोगों की नजर डॉक्टर की कुर्सी पर गई. कुर्सी पर एक सांप कुंडली मारकर बैठा था और उसने फन भी फैला रखा था. यह दृश्य देखते ही मरीज घबरा गए. कई लोग तुरंत कमरे से बाहर निकल आए, जबकि कुछ ने शोर मचाकर अस्पताल कर्मचारियों को सूचना दी.
कुछ ही मिनटों में लग गई भीड़
अस्पताल में सांप मिलने की खबर तेजी से फैल गई. देखते ही देखते डॉक्टर के कमरे के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई. कर्मचारियों ने एहतियात के तौर पर कमरे के आसपास लोगों की आवाजाही रोक दी ताकि कोई हादसा न हो. स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर वन्यजीव रेस्क्यू का अनुभव रखने वाले जावेद नामक युवक को बुलाया गया. जावेद ने मौके पर पहुंचकर सावधानी के साथ सांप का रेस्क्यू किया. काफी सतर्कता बरतते हुए सांप को सुरक्षित पकड़ा गया और बाद में उसे शहर से दूर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया. रेस्क्यू के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोग पूरी घटना को देखते रहे. सांप के सुरक्षित बाहर निकलते ही मरीजों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली.
अस्पताल में क्यों बढ़ रहे हैं सांप निकलने के मामले
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दिनों बारिश का मौसम शुरू होने के कारण अस्पताल के आसपास बने नालों और जल निकासी क्षेत्रों की सफाई का काम चल रहा है. सफाई और खुदाई के कारण सांप समेत अन्य जीव-जंतु अपने ठिकानों से बाहर निकल रहे हैं और आसपास की इमारतों में पहुंच रहे हैं. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मानसून के दौरान ऐसे मामलों में बढ़ोतरी होना सामान्य है. बारिश के समय बिलों में पानी भरने या प्राकृतिक आवास प्रभावित होने पर सांप सूखी और सुरक्षित जगह तलाशते हुए भवनों में पहुंच जाते हैं.
घटना के बाद अस्पताल कर्मचारियों ने लोगों से अपील की कि यदि अस्पताल परिसर या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई दे तो घबराने के बजाय तुरंत संबंधित कर्मचारियों या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें. सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है. अस्पताल प्रशासन ने भी परिसर में नियमित सफाई और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने की बात कही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना कम हो सके.
मरीजों में रही चर्चा का विषय
घटना के बाद पूरे दिन अस्पताल में डॉक्टर की कुर्सी पर बैठे सांप की चर्चा होती रही. कई मरीजों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी अस्पताल के डॉक्टर के कक्ष में इस तरह सांप को देखा. सोशल मीडिया पर भी इस घटना की तस्वीरें और वीडियो चर्चा का विषय बनी रहीं. हालांकि सबसे राहत की बात यह रही कि सांप मिलने की घटना के बावजूद किसी मरीज, डॉक्टर या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. समय रहते किए गए रेस्क्यू की वजह से एक संभावित हादसा टल गया. मानसून के मौसम में यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बारिश के दिनों में सार्वजनिक संस्थानों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है. समय पर सूचना, प्रशिक्षित रेस्क्यू और लोगों की जागरूकता ही ऐसे मामलों में सबसे बड़ी सुरक्षा साबित होती है.