
मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की आस्था के अनूठे रंग लगातार सामने आ रहे हैं. कोई अपनी मन्नत पूरी होने पर सोना चढ़ा रहा है तो कोई चांदी की अनूठी भेंट अर्पित कर रहा है. कभी चांदी का दिल, कभी चांदी की सिल्ली तो कभी सोने की बांसुरी... सांवलिया सेठ के दरबार में चढ़ावे की ऐसी अनूठी भेंट पहले भी सुर्खियां बटोर चुकी हैं. अब एक श्रद्धालु ने भगवान को 21 ग्राम सोने से बना दिल भेंट किया है. इसकी कीमत 3 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है.
इस अनूठी भेंट के पीछे भी श्रद्धा और जिंदगी से जुड़ी एक भावुक कहानी है. बताया जा रहा है कि जालोर निवासी श्रद्धालु हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहा था. उसने भगवान सांवलिया सेठ से अच्छे इलाज और ऑपरेशन सफल होने की मन्नत मांगी थी. ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी करने सांवलिया सेठ के दरबार पहुंचा और भगवान को 21 ग्राम सोने का दिल अर्पित कर दिया.
मंदिर मंडल के अनुसार जालोर से आए श्रद्धालु ने भेंट कक्ष में सोने का दिल जमा करवाया है. श्रद्धालु ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की. इस सोने के दिल का वजन 21 ग्राम है और इसकी कीमत 3 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है.

सांवलिया सेठ के दरबार में यह पहली बार नहीं है, जब किसी भक्त ने अपनी आस्था को अनूठी भेंट के रूप में व्यक्त किया हो. इससे पहले भी चांदी का दिल, चांदी की सिल्ली और सोने की बांसुरी जैसी विशेष भेंट चढ़ाए जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं. इन चढ़ावों ने न केवल श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा, बल्कि सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की अनूठी आस्था को भी सुर्खियों में ला दिया.
दरअसल सांवलिया सेठ के प्रति श्रद्धालुओं की मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद भगवान जरूर पूरी करते हैं. यही वजह है कि मनोकामना पूरी होने पर भक्त अपनी सामर्थ्य और श्रद्धा के अनुसार भगवान को भेंट अर्पित करते हैं. कोई सोना-चांदी चढ़ाता है तो कोई अपनी मन्नत से जुड़ी विशेष वस्तु बनवाकर भगवान के चरणों में समर्पित करता है.
सांवलिया सेठ के दरबार में आने वाली ऐसी अनूठी भेंट केवल उनकी कीमत के कारण चर्चा में नहीं रहतीं, बल्कि इनके पीछे जुड़ी भक्तों की आस्था और भावनाएं भी लोगों को आकर्षित करती हैं. चांदी के दिल से लेकर सोने की बांसुरी और अब 21 ग्राम सोने के दिल तक, हर भेंट श्रद्धालुओं के विश्वास की अलग कहानी बयां करती है.
इस बार सोने का दिल इसलिए भी खास है, क्योंकि इसे एक ऐसे श्रद्धालु ने अर्पित किया है, जिसने हृदय की बीमारी से उबरने के बाद अपने आराध्य के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए दिल के आकार की सोने की भेंट तैयार करवाई. सांवलिया सेठ के दरबार में आस्था का यह अनूठा अंदाज एक बार फिर चर्चा में है.