राजस्थान में पाली के फलोदी जिले के देचू थाना क्षेत्र में सामने आई एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार मामला कथित सामूहिक आत्महत्या का है. मृतक 35 साल के गेनाराम पटेल, उनकी 32 साल की पत्नी पुष्पादेवी , 10 साल का बेटा किशन और 13 साल की बेटी खुशबू थे. गेनाराम का शव फंदे से लटका मिला, जबकि पत्नी और दोनों बच्चों के शव चारपाइयों पर पड़े मिले. मामले की जांच जारी है.
जानकारी के अनुसार, गेनाराम मूल रूप से रोहट क्षेत्र के बीटू गांव का निवासी था और पिछले करीब चार वर्षों से परिवार सहित देचू क्षेत्र के एक ट्यूबवेल पर खेती-बाड़ी कर रहा था. खेती ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी.परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, गेनाराम का जीवन पिछले कुछ वर्षों से लगातार परेशानियों से घिरा हुआ था. उसकी पत्नी पुष्पादेवी लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं और उनका उपचार भी चल रहा था. परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी.इधर, गांव में गेनाराम के वृद्ध पिता लकवाग्रस्त हैं और छोटे भाई दिव्यांग हैं. परिवार की जिम्मेदारियों का बड़ा बोझ भी गेनाराम के कंधों पर था.
परिजनों का कहना है कि इन्हीं परिस्थितियों के कारण वह काफी समय से मानसिक तनाव में रह रहा था. बताया जाता है कि घटना से एक दिन पहले गेनाराम परिवार सहित अपने पैतृक गांव बीटू आया था, जहां उसने कुलदेवी की पूजा-अर्चना की और परिजनों से मुलाकात भी की. इसके बाद वह वापस खेत पर लौट गया. किसी को अंदेशा भी नहीं था कि अगले ही दिन इतनी दर्दनाक खबर मिलेगी. घटना की सूचना मिलते ही देचू थाना पुलिस, फलोदी एसपी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची.
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया. पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. मंगलवार को चारों शव बीटू गांव लाए गए, जहां पूरे गांव में शोक की लहर छा गई. नम आंखों से परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम विदाई दी. गमगीन माहौल में एक ही चिता पर चारों का अंतिम संस्कार किया गया. पूरे गांव में मातम पसरा रहा और हर आंख नम नजर आई. ऐसा पहली बार हुवा की एक साथ ट्रैक्टर पर चार लोगों की शव यात्रा निकली और एक साथ दाह संस्कार हुआ.