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अंदर बादाम, ऊपर सोने की परत... एक किलो मिठाई की कीमत में आ जाएगी बाइक! जयपुर में 1.23 लाख रुपये किलो बिक रही 'अशर्फी'

दीपावली पर जयपुर में एक ऐसी मिठाई पेश की गई है, जिसकी कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. 'त्योहार अशर्फी' नाम की इस मिठाई का एक 9 ग्राम का पीस 1,111 रुपये में मिल रहा है. अंदर बादाम और ऊपर सोने की परत और केसर है. एक किलो मिठाई की कीमत करीब 1.23 लाख रुपये है. इसे दीपावली पर खास और महंगे गिफ्ट के तौर पर तैयार किया गया है.

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जयपुर में तैयार की गई बेहद महंगी मिठाई. (File Photo: Representational)
जयपुर में तैयार की गई बेहद महंगी मिठाई. (File Photo: Representational)

दीपावली पर मिठाई के डिब्बे तो आपने खूब खरीदे होंगे. कोई काजू कतली लेता है, कोई लड्डू और कोई अपने रिश्तेदारों के लिए महंगे ड्राई फ्रूट्स का डिब्बा पैक करवाता है. लेकिन इस बार जयपुर में मिठाई की एक ऐसी वैरायटी आई है, जिसकी कीमत सुनकर आप शायद पहले दोबारा पूछेंगे. इस मिठाई का नाम है 'त्योहार अशर्फी'... दिखने में यह सोने के सिक्के जैसी है और इसकी कीमत 9 ग्राम के सिर्फ एक पीस के लिए 1,111 रुपये रखी गई है. यानी एक किलो मिठाई की कीमत करीब 1.23 लाख रुपये बैठती है.

इस मिठाई को जयपुर के एक आउटलेट ने दीपावली के खास तोहफे के तौर पर पेश किया है. इसे बनाने में बादाम, खाने लायक सोना और केसर का इस्तेमाल किया गया है. दुकान की कोशिश है कि पुराने जमाने में राजा-महाराजाओं के यहां दी जाने वाली सोने की अशर्फी की याद को मिठाई के रूप में फिर से सामने लाया जाए. 'त्योहार अशर्फी' का एक पीस सिर्फ 9 ग्राम का है. इसकी कीमत 1,111 रुपये रखी गई है. अगर आप इसका पूरा डिब्बा खरीदना चाहते हैं,  तो उसमें नौ पीस मिलेंगे और डिब्बे की कीमत 9,999 रुपये है.

अब जरा हिसाब लगाइए. नौ छोटे-छोटे पीस के लिए करीब 10 हजार रुपये खर्च करने होंगे. एक किलो के हिसाब से इसकी कीमत लगभग 1,23,444 रुपये बैठती है. इसी वजह से यह मिठाई आम मिठाई की दुकानों से बिल्कुल अलग चर्चा में है. दुकान की फाउंडर सीए अंजलि जैन के मुताबिक, एक पीस की कीमत 1,111 रुपये रखने के पीछे शुभ माने जाने वाले इस नंबर का भी ख्याल रखा गया है. इसे खास तौर पर दीपावली पर महंगे और अलग तरह के तोहफे देने वालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

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यह भी पढ़ें: How to Make Kaju Katli: बाजार की महंगी-मिलावटी मिठाई को कहें बाय! घर में काजू और चीनी से बनाएं हलवाई जैसी केसरिया काजू कतली, बेहद आसान है तरीका

इस मिठाई की सबसे खास बात इसके बनाने का तरीका है. इसके अंदर बादाम से तैयार किया गया हिस्सा है. इसमें खाने लायक सोना यानी स्वर्ण भस्म मिलाई गई है. इसके बाद मिठाई के ऊपर सोने की पतली परत चढ़ाई जाती है और केसर से इसे सजाया जाता है. यानी यह सिर्फ सोने के सिक्के जैसी दिखने वाली मिठाई नहीं है, बल्कि इसमें खाने लायक सोने का भी इस्तेमाल किया गया है. हालांकि, खाने लायक सोने और सोने जैसी दिखने वाली सजावटी परत में फर्क होता है. इसलिए ऐसी महंगी मिठाई खरीदते समय ग्राहक को यह जरूर देखना चाहिए कि इस्तेमाल की गई सामग्री खाने के लिए सुरक्षित और तय मानकों के मुताबिक है या नहीं.

राजा-महाराजाओं की अशर्फी से मिला मिठाई का आइडिया

अंजलि जैन के मुताबिक, इस मिठाई को बनाने का विचार पुराने समय की अशर्फियों से आया. पहले के दौर में सोने की अशर्फियां दौलत और खुशहाली की पहचान मानी जाती थीं. त्योहारों और खास मौकों पर इन्हें तोहफे के तौर पर देने की परंपरा भी रही है. इसी पुराने अंदाज को मिठाई के रूप में तैयार करने की कोशिश की गई है. कंपनी का मकसद इसे ऐसा तोहफा बनाना है, जो देखने में भी अलग हो और दीपावली पर समृद्धि और शांति का संदेश भी दे.

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सिर्फ सोने वाली मिठाई नहीं, नौ रंगों की काजू कतली भी

जयपुर के इस आउटलेट ने सिर्फ 'त्योहार अशर्फी' ही नहीं, बल्कि काजू कतली का एक खास कलेक्शन भी पेश किया है. इसका नाम 'त्योहार नवरत्न' रखा गया है. इसमें काजू कतली की नौ अलग-अलग वैरायटी हैं, जिन्हें पारंपरिक रत्नों के रंग और स्वाद से जोड़कर तैयार किया गया है. मसलन, पिस्ता वाली हरी काजू कतली को पन्ने से प्रेरित बताया गया. केसर के स्वाद वाली पीली काजू कतली को पुखराज से जोड़ा गया है. गुलाब के स्वाद वाली मिठाई मूंगे से प्रेरित है, जबकि स्ट्रॉबेरी वाली लाल काजू कतली को माणिक जैसा रंग दिया गया है.

इसके अलावा इसमें क्लासिक, गुलाब और आम के स्वाद वाली काजू कतली भी शामिल हैं. मैच (Matcha) और दूसरे फ्लेवर भी इस कलेक्शन का हिस्सा हैं. यानी जो लोग हर बार एक ही तरह की काजू कतली खाते-खाते बोर हो चुके हैं, उनके लिए इस डिब्बे में रंग और स्वाद दोनों का बदलाव है.

मिठाइयों में आर्टिफिशियल रंगों की जगह नेचुरल फ्लेवर का दावा

अंजलि जैन का कहना है कि इन मिठाइयों में आर्टिफिशियल रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया है. इन्हें प्राकृतिक रंगों और स्वाद से तैयार किया गया है. अलग-अलग स्वाद और रंग देने के लिए पिस्ता, केसर, गुलाब, स्ट्रॉबेरी और आम जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया है. हालांकि, इन मिठाइयों की कीमत और मैटेरियल के अलावा एक बात यह भी है कि त्योहारों पर लोग अब मिठाई के साथ कुछ नया अनुभव भी चाहते हैं. इसी वजह से बाजार में अलग-अलग स्वाद, आकर्षक पैकिंग और खास अंदाज वाली मिठाइयों की मांग देखने को मिलती है.

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इस दीपावली मिठाई के डिब्बे में भी दिखेगा रुतबा?

दीपावली पर मिठाई देना पुरानी परंपरा है. पहले लोग घर की बनी मिठाई और लड्डू बांटते थे. फिर बाजार में काजू कतली, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और कई तरह की पैकिंग वाले गिफ्ट बॉक्स आने लगे. अब इसी कड़ी में सोने की परत वाली अशर्फी भी शामिल हो गई है. हालांकि, 1,111 रुपये का 9 ग्राम का एक पीस हर किसी के बजट में नहीं होगा. लेकिन महंगे और अलग तरह के तोहफे पसंद करने वालों के लिए यह एक नया विकल्प जरूर है.

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