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नर्स की नाइट ड्यूटी, चाय का बहाना और डॉक्टर का पर्सनल रूम... फिर इस शातिर खेल से करोड़पति बनी Nurse

एक अस्पताल, एक डॉक्टर और नाइट ड्यूटी करने वाली नर्स... शुरुआत चाय के बहाने हुई, लेकिन डॉक्टर का दावा है कि यही मुलाकातें बाद में 2 करोड़ रुपये की कथित ब्लैकमेलिंग में बदल गईं. निजी फोटो, झूठे रेप केस की धमकी और डिजिटल निगरानी के आरोपों के बीच पुलिस ने नर्स को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है.

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डॉक्टर की शिकायत के बाद नर्स को गिरफ्तार कर लिया गया है (Photo: ITG)
डॉक्टर की शिकायत के बाद नर्स को गिरफ्तार कर लिया गया है (Photo: ITG)

रात की ड्यूटी में वह अक्सर चाय लेकर डॉक्टर के पर्सनल रूम तक पहुंच जाती थी. डॉक्टर का आरोप है कि इन्हीं मुलाकातों के दौरान शुरू हुई कहानी धीरे-धीरे ऐसे मोड़ पर पहुंची, जहां प्राइवेट फोटो, इसके बाद धमकियां, झूठे रेप केस का डर और करोड़ों रुपये की वसूली का सिलसिला शुरू हो गया. राजस्थान के बाड़मेर के एक अस्पताल से सामने आए इस मामले में 65 वर्षीय डॉक्टर ने अपनी ही अस्पताल की नर्स पर करीब 2 करोड़ रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी नर्स को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है, जबकि नर्स ने सभी आरोपों से इनकार किया है.

करीब नौ साल पुराने इस रिश्ते की परतें अब पुलिस की जांच में खुल रही हैं. डॉक्टर का दावा है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. नर्स अस्पताल में अपनी ड्यूटी करती थी और अधिकतर रात की शिफ्ट में रहती थी. अक्सर वह चाय का बहाना करके अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने उनके कमरे में आती थी. डॉक्टर का आरोप है कि यही नजदीकियां बाद में उनकी सबसे बड़ी परेशानी बन गईं.

दिसंबर 2016 से अस्पताल में थी नर्स

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार महिला नर्स दिसंबर 2016 से अस्पताल में कार्यरत थी. डॉक्टर का कहना है कि वह अक्सर नाइट ड्यूटी करती थी. इसी दौरान कई बार चाय बनाने या अस्पताल के अन्य काम का हवाला देकर वह उनके निजी कमरे तक आती-जाती थी. डॉक्टर का आरोप है कि इन्हीं मुलाकातों के दौरान महिला ने उनके कुछ निजी फोटो अपने मोबाइल फोन में ले लिए. उस समय उन्हें इसका अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर यही तस्वीरें कथित ब्लैकमेलिंग का आधार बन जाएंगी.

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निजी फोटो बने कथित ब्लैकमेल का हथियार

डॉक्टर का आरोप है कि निजी तस्वीरें लेने के बाद महिला नर्स का व्यवहार बदल गया. उसने कथित तौर पर फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने, झूठे रेप केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर पैसे मांगने शुरू कर दिए. डॉक्टर का कहना है कि वह सामाजिक प्रतिष्ठा और अस्पताल की साख बचाने के लिए चुप रहे. उन्होंने किसी से इस बारे में बात नहीं की और लगातार पैसे देते रहे.

इज्जत बचाने के लिए 2 करोड़ रुपये तक दे दिए

डॉक्टर ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि पिछले कई वर्षों में वह आरोपी नर्स को करीब 2 करोड़ रुपये दे चुके हैं. इनमें लगभग 35 लाख रुपये अस्पताल के बैंक खाते से ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए. बाकी रकम अलग-अलग समय पर नकद या अन्य माध्यमों से देने का आरोप लगाया गया है. डॉक्टर का यह भी कहना है कि महिला ने उनसे खाली चेक और स्टांप पेपर पर भी हस्ताक्षर करवा लिए थे, जिन्हें वह अपने पास रखे हुए है.

एक मोबाइल, एक सिम और 24 घंटे निगरानी

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला आरोप डॉक्टर ने अपनी शिकायत में लगाया है. उनका दावा है कि महिला नर्स ने उन्हें एक अलग मोबाइल फोन और सिम कार्ड दिया था और उसे हर समय चालू रखने के लिए मजबूर करती थी. अगर फोन बंद हो जाता या कॉल रिसीव नहीं होती तो वह लगातार फोन करती थी. डॉक्टर के मुताबिक अस्पताल में लगे CCTV कैमरों के पासवर्ड भी उसने ले लिए थे. कैमरों और मोबाइल की मदद से वह उनकी गतिविधियों पर नजर रखती थी. डॉक्टर ने अपनी शिकायत में इसे डिजिटल अरेस्ट जैसी स्थिति बताया है.

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अहमदाबाद गए तो 1000 कॉल, फिर स्टाफ को दिखाए फोटो

डॉक्टर का दावा है कि एक बार वह किसी काम से अहमदाबाद गए थे. इस दौरान महिला नर्स ने उन्हें करीब 1000 बार फोन किया. जब उन्होंने कॉल नहीं उठाई तो कथित तौर पर अस्पताल के कुछ कर्मचारियों को उनकी निजी तस्वीरें दिखा दीं. डॉक्टर के अनुसार, इसके बाद उन्हें महसूस हुआ कि मामला अब उनके नियंत्रण से बाहर हो चुका है. शिकायत में डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया है कि 3-4 अप्रैल 2025 की रात महिला उनके घर पहुंच गई और अंदर आने की जिद करने लगी. डॉक्टर का कहना है कि यह पूरी घटना उनके घर के बाहर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड है. पुलिस अब इस CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है.

12 हजार रुपये सैलरी, लेकिन लाखों की कथित वसूली

डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल में महिला नर्स को हर महीने करीब 12 हजार रुपये वेतन दिया जाता था. इसके बावजूद वह कथित तौर पर हर महीने लाखों रुपये अलग-अलग बहानों से मांगती रही. डॉक्टर का दावा है कि डर और बदनामी की आशंका के कारण वह लगातार पैसे देते रहे.

गिरफ्तारी के बाद क्या बोली नर्स

डॉक्टर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी नर्स को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि गिरफ्तारी के बाद महिला ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया. उसका कहना है कि डॉक्टर अपने बचाव के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रहे हैं. यानी इस मामले में दोनों पक्षों के दावे पूरी तरह अलग-अलग हैं.

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पुलिस कर रहीइन बिन्दुओं की जांच 

बाड़मेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नितेश आर्य के मुताबिक पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. जांच में यह देखा जा रहा है कि - 

- डॉक्टर और नर्स के बीच नजदीकियां कैसे बढ़ीं ? 

क्या निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेलिंग की गई ? 

2 करोड़ रुपये के लेन-देन के क्या सबूत हैं ?

बैंक ट्रांजैक्शन और नकद भुगतान का रिकॉर्ड क्या कहता है?

CCTV फुटेज और मोबाइल डेटा से क्या जानकारी मिलती है?

खाली चेक और स्टांप पेपर से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है?

पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला के कब्जे से 17 हजार रुपये बरामद किए गए हैं. हालांकि 2 करोड़ रुपये की कथित वसूली की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

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