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'अलग-अलग कमरों में सोते थे अमन और उसकी पत्नी', जज के पिता ने किए कई बड़े खुलासे

दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी में जज अमन कुमार शर्मा की आत्महत्या मामले में पिता प्रेम कुमार शर्मा ने कई बड़े आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि अमन पत्नी और उसकी बहन से मानसिक रूप से परेशान था. घटना वाले दिन अमन पत्नी से आखिरी बार बात करने कमरे में गया और बाद में बाथरूम में फंदे से लटका मिला. पिता ने आरोप लगाया कि पत्नी बाथरूम की चाबी लेकर चली गई, जिससे दरवाजा तोड़ने में देरी हुई और जान नहीं बच सकी.

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 पत्नी और साली के ‘टॉर्चर’ ने ली जान!(Photo: ITG)
 पत्नी और साली के ‘टॉर्चर’ ने ली जान!(Photo: ITG)

दिल्ली के सफदरजंग इलाके में जज अमन कुमार शर्मा की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इस केस में अब उनके पिता प्रेम कुमार शर्मा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि उनके बेटे की शादीशुदा जिंदगी पिछले कई महीनों से तनाव और विवादों से भरी हुई थी. पिता के मुताबिक, अमन और उनकी पत्नी स्वाति शर्मा के बीच रिश्ते इतने खराब हो चुके थे कि दोनों एक ही घर में रहते हुए भी अलग-अलग कमरों में सोते थे और आपस में बातचीत तक बंद हो गई थी.

प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि अमन पिछले तीन महीनों से बेहद परेशान और डिप्रेशन में था. उसने अपनी परेशानियों के बारे में कई बार अपनी बहन और मां को बताया था, लेकिन यह बात उनसे छुपाई गई. जब उन्हें इस बारे में पता चला, तो वे बेटे और बहू को समझाने के लिए दिल्ली पहुंचे थे. पिता का कहना है कि अमन बार-बार सिर्फ एक ही बात दोहराता था कि वह अपनी पत्नी और उसकी बहन से बहुत परेशान है और दोनों उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं.

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पिता के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद से स्वाति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया था. आए दिन घर में झगड़े होते थे और हालात इतने बिगड़ गए थे कि अमन डर और तनाव में रहने लगा था. पिता ने बताया कि उन्होंने बहू के परिवार से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

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रिश्तों में बढ़ती दूरी और तनाव की शुरुआत

पिता ने बताया कि अमन ने अपनी परेशानियों की जानकारी दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में रहने वाली अपनी बहन और अलवर में रहने वाली मां को भी कई बार दी थी. लेकिन परिवार के भीतर ही यह बात उनसे छुपाई गई. जब उन्हें सच्चाई का पता चला तो वे तुरंत दिल्ली आए और दोनों को समझाने की कोशिश की.

उन्होंने बताया कि अमन अक्सर रोता था और बेहद मानसिक दबाव में था. वह अपनी पत्नी से डरा हुआ रहता था और बार-बार कहता था कि वह बहुत परेशान है. पिता ने स्वाति के चाचा युद्धवीर से भी फोन पर बात कर स्थिति समझाने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली.

इसी बीच पिता ने फैसला किया कि वे अमन को अपने साथ अलवर ले जाएंगे ताकि वह कुछ समय के लिए इस माहौल से दूर रह सके. लेकिन इससे पहले अमन ने कहा कि वह अपनी पत्नी से आखिरी बार बात करना चाहता है. यही बातचीत आगे चलकर दुखद घटना में बदल गई.

आखिरी बातचीत और घर में हुआ विवाद

पिता ने बताया कि जिस दिन घटना हुई, वे बेटे को लेकर अलवर जाने की तैयारी में थे. दोनों घर पहुंचे तो अमन ने पिता से कहा कि वह स्वाति से आखिरी बार बात करना चाहता है. उसने पिता को बालकनी में बैठने के लिए कहा और खुद कमरे के अंदर चला गया.

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कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया गया. पिता के मुताबिक, अंदर से तेज आवाजें और बहस की आवाज सुनाई दे रही थी. करीब डेढ़ घंटे तक कमरे के अंदर बातचीत और झगड़ा चलता रहा. इसके बाद स्वाति कमरे से बाहर निकली और सीधे अपने कमरे में चली गई.

पिता ने कई बार उससे पूछा कि अमन कहां है, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया और कहा कि उसे नहीं पता. यह सुनकर पिता घबरा गए और उन्होंने अमन को फोन किया. तभी बाथरूम के अंदर से फोन की घंटी की आवाज सुनाई दी.

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बाथरूम का बंद दरवाजा और बढ़ती बेचैनी

फोन की घंटी सुनकर पिता की चिंता और बढ़ गई. इसी बीच स्वाति ने अपनी बहन और चाचा को फोन कर दिया और वे लोग गाड़ी लेकर घर पहुंचे. इसके बाद स्वाति बच्चों को लेकर उनके साथ चली गई. पिता ने तुरंत अपनी बेटी और दामाद को फोन किया और मदद के लिए बुलाया. 

जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सब स्तब्ध रह गए. अमन शॉल से लटका हुआ था. उन्हें तुरंत नीचे उतारा गया और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल ले जाया गया. लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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अस्पताल तक की दौड़ और अंतिम झटका

पिता के अनुसार, अमन को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. इस दुखद खबर की जानकारी उसकी पत्नी को दी गई, लेकिन वह अस्पताल नहीं पहुंची.

पिता का दावा है कि बाथरूम अंदर से बंद था और उसकी चाबी स्वाति के पास थी. उन्होंने कई बार उससे चाबी के बारे में पूछा, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया और चाबी अपने साथ लेकर चली गई.

उनका कहना है कि बाथरूम का दरवाजा तोड़ने में काफी समय लग गया, जिससे अमन को बचाने का मौका भी कम हो गया. पिता ने आरोप लगाया कि स्वाति को पता था कि अमन आत्महत्या करने जा रहा है, क्योंकि वह उसकी चुन्नी लेकर बाथरूम में गया था.

पुलिस जांच और पिता के आरोप

इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने पिता के बयान दर्ज किए हैं. क्योंकि घटना के समय वे घर में मौजूद थे, इसलिए उनकी गवाही को बेहद अहम माना जा रहा है.

पिता का आरोप है कि अमन को इतना मानसिक तनाव दिया गया कि उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा. उन्होंने कहा कि अमन ने कई बार अपनी परेशानियों के बारे में परिवार को बताया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

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यह मामला अब जांच के दायरे में है और पुलिस हर पहलू से इसकी पड़ताल कर रही है. वहीं पिता के खुलासों के बाद यह केस और भी संवेदनशील और चर्चित बन गया है.

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