अलवर के रामगढ़ में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दोस्ती के रिश्ते पर भी सवाल खड़े कर दिए. शुक्रवार देर रात पिकअप पलटने से 17 साल के विकास मेघवाल की मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त विकास के साथ उसके दो दोस्त सोमसिंह और राजकुमार भी पिकअप में सवार थे. हादसे के बाद दोनों डरकर मौके से चले गए. शनिवार सुबह राहगीरों ने सड़क किनारे पड़ी पिकअप और उसके पास विकास का शव देखा, तब घटना का पता चला.
रात भर घटनास्थल पर ही पड़ा रहा विकास का शव
हादसा रामगढ़ कस्बे के बहादुरपुर मार्ग पर बैडोद गांव की सीमा में खातियों की ढाणी के पास हुआ. शुरुआती जांच के मुताबिक पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई. इसी दौरान विकास कैबिन से बाहर जा गिरा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
रामगढ़ थाना पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद दोनों साथी विकास को वहीं छोड़कर चले गए. पूछताछ में उन्होंने बताया कि घटना के बाद वे घबरा गए थे और डर के कारण वहां से निकल गए. हालांकि, रात के अंधेरे में सड़क किनारे पड़ा विकास सुबह तक वहीं रहा.
सुबह राहगीरों की नजर पलटी हुई पिकअप पर पड़ी. पास जाकर देखा तो एक युवक का शव पड़ा था. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए. शव को रामगढ़ उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया.
टेंट व्यवसायी के यहां मजदूरी करता था विकास
विकास दो भाइयों में बड़ा था. वह रामगढ़ कस्बे में एक टेंट व्यवसायी के यहां मजदूरी करता था, जबकि उसके पिता मकानों की चिनाई का काम करते हैं. 17 साल की उम्र में परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने वाला विकास अब इस दुनिया में नहीं है.
इस हादसे ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है- मुश्किल वक्त में दोस्ती की असली पहचान क्या होती है? हादसा अचानक था, साथी डर गए थे या परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया, यह पुलिस की आगे की जांच में साफ होगा. फिलहाल परिजनों की ओर से पुलिस को कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है.