एक तरफ देश की GDP तेज रफ्तार से दौड़ रही है, वहीं सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री मंदी के दौर से गुजर रही है. महंगाई बढ़ने से लागत बढ़ गई, मगर बाजार में कपड़े की कीमत नहीं बढ़ी। ऊपर से डिमांड और कम हो गई है. अब सूरत के बड़े कपड़ा कारोबारी टेंशन में हैं. देखें गुजरात आजतक.