आतंकवाद के खिलाफ गुजरात ATS ने बड़ा एक्शन लिया है. गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के पांच और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है.. जांच में सामने आया है कि ये सभी संदिग्ध आतंकी देश में बड़े पैमाने पर धमाके का प्लान बना रहे थे. और इसके लिए गुजरात में ही कई बार ट्रायल भी कर चुके थे..
अहमदाबाद में आज भगवान जगन्नाथजी की 149वीं भव्य रथयात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाली गई. सुबह 7 बजे जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा 16 किलोमीटर का सफर तय करते हुए सरसपुर पहुंची और रात तक वापस मंदिर लौट गई. देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा मानी जाने वाली इस यात्रा के लिए प्रशासन ने अभेद सुरक्षा घेरा तैयार किया था. पूरे रूट पर 30 हजार से अधिक पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए जबकि 100 से ज्यादा ड्रोन से हर गतिविधि पर नजर रखी गई.रथयात्रा में अखाड़ों, भजन मंडलियों और करीब 100 झांकियों की आकर्षक प्रस्तुति पेश की गई.
सूरत में आई बाढ़ से प्रभावित कारोबारियों और आम लोगों के लिए गुजरात सरकार ने 550 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है. ताकि बाढ़ प्रभावित कारोबारी जल्द-से-जल्द अपने कारोबार को शुरू कर पाएं और स्थानीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी बनी रहे. इस राहत पैकेज के जरिये ठेला लगाने और छोटे-बड़े दुकानदारों से लेकर आम लोगों तक को राहत दी जाएगी. गुजरात की सभी अहम और ताजातरीन खबरों के लिए देखें गुजरात आजतक.
मोरबी जिले में चल रहे किसान आंदोलन का दायरा बढ़ता जा रहा है. आज मोरबी में एक साथ सैकड़ों किसान रैली निकालते हुए कलेक्टर दफ्तर पहुंचे… और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा… साथ ही किसानों ने चेतावनी दी है, कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगे नहीं मानी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा.
गुजरात में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है. वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस और बीजेपी उम्मीदावरों ने नामांकन कर दिय. दोनों ही पार्टी ने अपने अनुभवी उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है. जिससे ये मुकाबला और दिलचस्प हो गया. वहीं, आम आदमी पार्टी ने उपचुनाव में अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है.
गुजरात में हुई भारी बारिश और बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है… सबसे ज्यादा बर्बादी दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, डांग और वलसाड में हुई है… कहीं, दुकानों और गोदामों में पानी भरने से कारोबारियों का सामान कबाड़ हो गया…. तो कहीं किसानों की फसलें बह गई… अब खुद मुख्यमंत्री इन जिलों के हालात का जायजा ले रहे हैं… अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक करके आगे की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं…
गुजरात के सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. खाड़ी का जलस्तर बढ़ने से सरथाणा क्षेत्र की कई सोसाइटियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. वहीं बाढ़ ने सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. मार्केट में पानी भर जाने के कारण कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है. श्याम धाम चौक के पास स्थित सरस्वती, देवी कृपा, संगना, श्याम धाम और महावीर सोसाइटी समेत कई रिहायशी इलाके पानी में डूबे हुए हैं और राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है.
गुजरात के सूरत में लगातार बारिश और खाड़ी का जलस्तर बढ़ने से पर्वत पाटिया और गोड़ादरा समेत कई इलाके भीषण जलभराव की चपेट में आ गए हैं. मुख्य सड़कें नदी में तब्दील हो गई हैं, जबकि कार, बाइक, ट्रक, ट्रैक्टर, बीआरटीएस बस स्टैंड और पेट्रोल पंप तक कई फीट पानी में डूब गए हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार बोट के जरिए अभियान चला रही हैं. अब तक 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि फायर ब्रिगेड ने अकेले 176 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया है.
लंबे इंतजार के बाद मॉनसून मेहरबान हुआ...और पूरे गुजरात में जमकर बारिश हो रही है… मगर कई इलाकों में मूसलाधार बारिश लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है... कई जिले पानी में डूबे हैं, तो कई जगह लोग पानी के बीच फंस गए… हालांकि राहतकर्मी और बचाव दल मुश्किल में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं…
गुजरात के अमरेली जिले में बेहिसाब बारिश भारी तबाही मचा रही है. आलम ये है कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अमरेली जिला बाढ़ की चपेट में आ गया है. यहां कई नदियां और नहरें उफान पर हैं तो वहीं सावरकुंडला-अमरेली स्टेट हाईवे पानी के तेज बहाव में टूटकर दो हिस्सों में बंट गया जबकि कई दूसरी सड़कें भी बह गईं.
गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश से हाहाकार मचा हुआ है. गिर सोमनाथ में 24 घंटे में 21 इंच तक बारिश के बाद कई इलाके सैलाब में समा गए. खेत खलियान पूरी तरह समंदर में तब्दील हो गए है.
गुजरात में मॉनसून के दस्तक देते ही कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं और प्रशासन की तैयारियों की पोल खुल गई है. जूनगढ़ में पूरा शहर पानी-पानी हो गया है जबकि अमरेली में नदी नाले उफान पर हैं. जूनागढ़ में रेलवे ब्रिज में 5 फीट तक पानी भर गया जिसके बाद पशुपालक को वहां से रेस्क्यू किया गया. भरूच में बारिश से मुंबई एक्सप्रेसवे का स्लैब टूट गया जबकि सूरत में सड़क धंसने से कई लोग घायल हो गए.
गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है. सूरत में कई जगहों पर सड़कें धंसने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि भरूच में एक जर्जर इमारत ढह जाने से इलाके में हड़कंप मच गया. कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन राहत- बचाव कार्य में जुटा है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
गुजरात में मॉनसून की बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है.मगर कई इलाकों में ये बारिश लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. नवसारी में जोरदार बारिश ने शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया है. तो सूरत में पहली ही बारिश ने मॉनसून की तैयारियों के तमाम दावों की पोल खोल दी है.
एक तरफ वाइब्रेंट गुजरात जैसे कार्यक्रमों के जरिये गुजरात को इकोनॉमिक पावर के तौर पर पेश किया जा रहा है. उसी गुजरात के पाटण जिले से एक ऐसी खबर आई है. जो सोचने के लिए मजबूर कर देगी कि क्या 21वीं सदी में भी दलितों को बराबरी के अधिकार नहीं मिल पाए हैं क्योंकि यहां बारात लेकर जा रहे एक दलित युवा को घोड़ी से उतारकर पीटा गया है.
आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा को कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है. उसके बाद से गुजरात की राजनीति गरमाई हुई है. आम आदमी पार्टी लगातार बीजेपी पर हमलावर है और चैतर वसावा को झूठे केस में फंसाने का आरोप लगा रही है. इसी बीच अब चैतर वसावा के समर्थन में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पदयात्रा निकालनी शुरू कर दी हैं.
आमतौर पर लोग अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाने को तरजीह देते हैं लेकिन गुजरात में एक ऐसा भी सरकारी स्कूल है जो वहां के माता-पिताओं की पहली पसंद बन गया है. वडोदरा के काग प्राइमरी स्कूल में एडमिशन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं और इस प्राइमरी स्कूल में में तमाम वो सुविधाएं बच्चों को मिल रही है जिसकी कल्पना सिर्फ प्राइवेट स्कूलों में की जाती है. अब यह स्कूल सरकारी शिक्षा व्यवस्था का नया मॉडल बन गया है.
गुजरात सरकार ने दूरदराज के रेगिस्तानी और नमक उत्पादन क्षेत्रों में रहने वाले अगरिया समुदाय के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'स्कूल ऑन व्हील्स' यानी 'रणशाला' परियोजना की शुरुआत की है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में डिप्टी सीएम हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल के तहत 28 विशेष बसों को आधुनिक मोबाइल क्लासरूम में बदला गया है. सौर ऊर्जा से संचालित इन बसों में स्मार्ट टीवी, डिश टीवी, डिजिटल शिक्षण सामग्री, लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य निगरानी उपकरण उपलब्ध हैं. यह बसें सुरेंद्रनगर, पाटन, कच्छ और मोरबी के अगरिया इलाकों में जाकर बच्चों को शिक्षा प्रदान करेंगी.
सूरत शहर के एक बुजुर्ग दंपति ने इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है. इन्होंने नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा हैं. आरोप है कि प्रशासनिक उत्पीड़न ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया. कि अब जीने की इच्छा ही खत्म हो गई.
'कूटनीति' में 'सिंधु जल समझौता' (Indus Waters Treaty) पर बात की गई. आज इस समझौते के सामने इतिहास का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को स्थगित करने यानी इस पर फिलहाल रोक लगाने का बड़ा फैसला किया है. इसके बाद से दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच एक नया मोर्चा खुल गया है. यह लड़ाई किसी ज़मीन या व्यापार के लिए नहीं है, बल्कि पानी के लिए है. और इसी के साथ एक बड़ा सवाल उठ रहा है-क्या दक्षिण एशिया अब एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां पानी कूटनीति का नया हथियार बनने वाला है?
2027 में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी किसानों के मुद्दे पर आक्रमक नजर आ रही है. कांग्रेस ने किसानों के बहाने सरकार को घेरने का पूरा एक्शन प्लान तैयार किया है. इसके तहत 26 जून को कच्छ से द्वारका तक किसान अधिकार पदयात्रा 2.O की शुरूआत होगी. कांग्रेस का कहना है कि जब तक सरकार किसानों की मांगे नहीं मानेगी.