यह बेहद दर्दनाक है कि कल-परसों तक नगर निगम चुनाव को लेकर मुस्कुराते हुए, लोगों से मिलते-जुलते और बैठकों में सक्रिय दिख रहे अजित पवार आज हमारे बीच नहीं रहे. अहम बात यह है कि मंगलवार को मुंबई में हुई कैबिनेट मीटिंग को समेटने के बाद अजित पवार आज बारामती आने वाले थे, क्योंकि 5 तारीख को यहां जिला परिषद के चुनाव हैं. महाराष्ट्र में कुल 12 जिला परिषद हैं, जिनमें पुणे सबसे बड़ी मानी जाती है और इसे अजित पवार का गढ़ कहा जाता रहा है. पवार परिवार का यहां लंबे समय से प्रभाव रहा है.
जिला परिषद चुनाव के लिए 27 तारीख को नामांकन वापसी की आखिरी तारीख थी और इसके बाद अजित पवार आज से बारामती में चुनाव प्रचार शुरू करने वाले थे. लेकिन बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी मौत हो गई. अजित पवार से जुड़ा एक किस्सा मुझे याद आता है. साहिल जोशी और मैं पुणे स्थित उनके जिजाई बंगले पर नगर निगम चुनाव को लेकर इंटरव्यू लेने गए थे. यह बेहद पीड़ादायक है कि वह इंटरव्यू ही अजित पवार का आखिरी रिकॉर्डेड इंटरव्यू साबित हुआ.
इंडिया टुडे को दिए उस इंटरव्यू के बाद उनका कोई और इंटरव्यू सामने नहीं आया. इंटरव्यू से पहले बातचीत के दौरान जब हमने बंगाल की राजनीति और वहां चल रही घटनाओं का जिक्र किया, तो अजित पवार चौंक गए. हमने बताया कि कैसे बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद ईडी की जहां रेड चल रही थी, वहां पहुंच गईं और जांच एजेंसी के कब्जे से कागजात और डिजिटल एविडेंस लेकर चली गईं. उन्होंने सिर पर हाथ रखते हुए कहा, 'अरे बाप रे, ये सब भी राजनीति में चल रहा है, कैसे दिन आ गए हैं.' इसके बाद इंटरव्यू शुरू हुआ. वही हमारी उनके साथ आखिरी मुलाकात और आखिरी रिकॉर्डेड बातचीत थी.