नरवणे प्रकरण के बाद संसद में राहुल गांधी का नया अवतार दिखा. बेहद आक्रामक. निशाने पर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ही थी, लेकिन ऐसा लगा जैसे आरोपों की बौछार हो रही हो. कारोबारी गौतम अडानी जैसे उनके निशाने पर आने वाले पुराने किरदार तो थे, लेकिन फोकस यूएस-भारत डील पर ज्यादा नजर आया.
अपनी बातों को मजबूती देने के लिए राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट का खासतौर पर जिक्र किया. राहुल गांधी ने कहा, शुरुआत ग्रिप से होती है, और उसके बाद चोक में जाते हैं. चोक का फोकस गला होता है. जब आदमी के हाथ में ग्रिप आ जाता है, उसकी आंख में दिख जाता है.
स्पीकर की भूमिका में पीठासीन जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी से कहा कि बातें तो उनकी बहुत अच्छी हैं, लेकिन बजट पर बोलना है. राहुल गांधी ने अपना एक्सप्लेनर जारी रखा, और बोले बजट में कुछ नहीं है. देश के 140 करोड़ लोगों के सामने बहुत बड़ा चैलेंज है. भारत से एक बहुत बड़ा डाटा जेनरेट हो रहा है. AI के आने से एक बहुत बड़ा संकट दिख रहा है. पुराने सिस्टम को चुनौती दी जा रही है - AI के लिए डाटा पेट्रोल की तरह है.
अपने भाषण में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर 'देश को बेच डालने' जैसा गंभीर आरोप लगाया, और एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए कारोबारी अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का भी नाम लिया - और फिर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजु ने आरोपों को साबित न करने पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की बात कही है.
संसद में राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार ने मांगे सबूत
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूदा बजट सेशन में अपने पहले भाषण में पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का नाम लेकर बवाल मचा दिया था. पहले वह एक मैगजीन में छपे किताब के अंश संसद में पढ़ना चाहते थे. अनुमति नहीं मिली तो किताब लेकर संसद परिसर गए.
नरवणे की किताब का विवाद अपनी जगह कायम है, लेकिन अब नया विवाद शुरू हो गया है. अपने भाषण पार्ट 2 में राहुल गांधी ने भारत और अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला किया, और धड़ाधड़ कई सारे आरोप भी जड़ दिए.
1. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर है... इसके जरिए बीजेपी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर टूटेगा.
राहुल गांधी को टोकते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने कहा, आपने जो भी कहा है उसे साबित करिए, नहीं तो आपकी बात सदन के रिकॉर्ड पर नहीं जानी चाहिए.
राहुल गांधी का जवाब था, अभी देता हूं. तुरंत सारे सबूत देता हूं.
तभी स्पीकर ने टोक कर कहा, मैंने तो सबूत मांगा ही नहीं है. आप बोलते रहिए. बाद में साबित कर दीजिएगा.
2. राहुल गांधी ने पूछा, अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है... मैं हरदीप पुरी से भी पूछना चाहता हूं... मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था... और हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने उन्हें मिलवाया था.
सदन से बाहर आने के बाद भी राहुल गांधी ने कहा, मैंने कहा है कि मैं दावे को साबित करूंगा... अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास एपस्टीन मामलों से संबंधित फाइलें हैं जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं.
3. प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को टार्गेट करते हुए राहुल गांधी कह रहे थे, आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आई? क्या आपको भारत को बेचने में कोई शर्म नहीं है? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है.
फिर कटाक्ष के साथ व्यंग्यात्मक लहजे में राहुल गांधी ने कहा, मैं जानता हूं कि प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थितियों में भारत को नहीं बेचते... आप जानते हैं उन्होंने भारत को क्यों बेचा? क्योंकि ट्रंप उनका गला घोंट रहे हैं... उन्होंने उनकी गर्दन पकड़ रखी है... हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं.
और फिर बोले, अगर हमारी सरकार होती... इंडिया ब्लॉक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत कर रहा होता तो मैं कहता कि डील पर बराबरी से बात होगी... हम आपके नौकर नहीं हैं... क्या अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे?
4. राहुल गांधी ने कहा कि डाटा भारत की सबसे बड़ी ताकत है... हम डिजिटल ट्रेड डील्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं, डाटा लोकलाइजेशन के लिए कोई डीड नहीं, हमारे लिए फ्री डाटा-फ्लो, डिजिटल टैक्स पर लिमिट, सोर्स कोड पर डिस्कस करने की कोई जरूरत नहीं है.
5. राहुल गांधी का यह भी कहना था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन हम युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके हैं... गाजा और इजरायल में इसकी झलक दिखी... दुनिया में पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है और हालात बदल रहे हैं.
राहुल गांधी को मोहलत, और चेतावनी
संसद में राहुल गांधी के आरोपों को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि नेता विपक्ष अक्सर सदन में मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाते हैं. इससे सदन की गरिमा कम होती है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी प्रेस कांफ्रेंस करके ऐसी ही बातें कही है.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जेफरी एपस्टीन के साथ उनकी बातचीत का राहुल गांधी के आरोपों से कोई लेना देना नहीं है. हरदीप पुरी ने बताया, उस वक्त उनका संपर्क लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन से था और उन्होंने इंटरनेट उद्यमी और वेंचर कैपिटलिस्ट को भारत आने का निमंत्रण दिया था. तीन मिलियन ईमेल में से सिर्फ तीन-चार बार ही उनके नाम का जिक्र हुआ.
बोले, मैं एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में कुछ मौकों पर एपस्टीन से मिला था और सिर्फ एक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था. हमारी बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था, जिनका उन पर आरोप है. हमने 'मेक इन इंडिया' के बारे में बात की थी.
राहुल गांधी के आरोपों पर किरेन रिजिजू कहते हैं, राहुल गांधी जानबूझकर बार-बार ऐसा करते हैं... उनका भाषण, आम तौर पर झूठ और आरोपों से भरा होता है, उसके बाद वह सदन से भाग जाते हैं... वह मंत्री का जवाब सुनने के लिए कभी सदन में नहीं बैठते... हमारी पार्टी ने स्टैंड लिया है कि हम राहुल गांधी के झूठ का बाहर तो मुकाबला करेंगे, लेकिन सदन के अंदर एक नोटिस जारी किया जाएगा... हम स्पीकर को नोटिस देंगे. राहुल गांधी ने वादा किया है कि वह इसे प्रमाणित करेंगे, लेकिन मुझे पता है कि वह इसे प्रमाणित नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने झूठ बोला... सदन में झूठ बोला.