MP News: श्योपुर के जंगल में घायल मिले 19 महीने के नर चीते KNG22 की इलाज के दौरान मौत हो गई. चीते को 25 अक्टूबर को श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में घायल पाया गया था. इमरजेंसी सर्जरी के दौरान उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले गए. पशु चिकित्सकों की लगातार कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका. राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए वन और पुलिस अधिकारियों की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित कर दी है.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. समीता राजोरा ने बताया, 19 महीने के नर चीते KNG22 को 25 अक्टूबर को श्योपुर के जंगल में घायल अवस्था में पाया गया था. इसके बाद उसे रेस्क्यू कर इलाज के लिए भेजा गया. शुरुआती एक्स-रे में उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बाहरी वस्तुएं दिखाई दीं. इसके आधार पर इलाज शुरू किया गया और विशेषज्ञों से सलाह ली गई.
CT स्कैन में आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि
विशेषज्ञों की सलाह के बाद चीते को विस्तृत जांच और गहन इलाज के लिए जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU) के पशु चिकित्सा सर्जरी और रेडियोलॉजी विभाग भेजा गया. विभाग में किए गए सीटी स्कैन से पता चला कि शरीर के अंदर मौजूद फायरआर्म्स पैलेट्स (बंदूक के छर्रे) के कारण उसके आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और हड्डियों के ढांचे समेत तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा था.
इसके बाद डॉक्टरों ने आपातकालीन सर्जरी की. इस दौरान चीते के शरीर से बंदूक की पांच छर्रे निकाले गए. हालांकि, गंभीर चोटों और पशु चिकित्सा टीम के प्रयासों के बावजूद चीते की जान नहीं बचाई जा सकी.
वन और पुलिस अधिकारियों की STF गठित
चीते की मौत के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए वन और पुलिस अधिकारियों की स्पेशल टास्क फोर्स गठित की है. जांच में यह पता लगाया जाना अहम होगा कि चीते को गोली किसने और किन हालात में मारी.
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फिलहाल, वन विभाग की ओर से जारी जानकारी में किसी संदिग्ध या आरोपी का नाम सामने नहीं आया है. घटना से जुड़े अन्य तथ्य जांच के बाद साफ हो सकेंगे.
भारत में चीतों की संख्या अब 58
वन विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, KNG22 की मौत के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या 58 रह गई है. इनमें 52 चीते कूनो नेशनल पार्क, चार गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य और दो वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (VDTR) में हैं.