मध्य प्रदेश के इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक सोमवार (2 नवंबर) को शुरू हुई. शहर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज परिसर स्थित संत श्री रविदास महाराज सभागार में आयोजित इस बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया. दोनों ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर बैठक की शुरुआत की.
चार नवंबर की शाम तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह संघ की नियमित वार्षिक बैठक है, जिसमें देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.
बैठक में संघ के सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों के संघचालक और कार्यवाह और 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, प्रांत प्रचारक तथा उनके सहयोगी उपस्थित हैं. इसके अलावा संघ प्रेरित विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है. नरेंद्र कुमार के मुताबिक बैठक का प्रमुख एजेंडा संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा करना और उनके आगे के क्रियान्वयन की योजना तैयार करना है.
विशेष रूप से पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख विषयों को समाज के बीच प्रभावी तरीके से पहुंचाने, उनके क्रियान्वयन और निरंतर अनुवर्तन पर चर्चा होगी. शताब्दी वर्ष के दौरान स्वयंसेवकों के प्रयासों से शाखाओं का जो विस्तार हुआ है, उसे आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक स्थानों पर नियमित शाखाएं संचालित करने की रणनीति भी बनाई जाएगी.
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विजयादशमी उद्बोधन में उठाए गए समसामयिक विषयों पर भी चर्चा होगी. इन विचारों को समाज तक पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी.बैठक के दौरान सरकार्यवाह की ओर से तीन महत्वपूर्ण वक्तव्य भी जारी किए जाएंगे. इनमें राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत राज नारायण बोस की 200 वीं जयंती, स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान से जुड़े विषय और कंधमाल के जनजातीय क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जीवन एवं योगदान पर वक्तव्य शामिल हैं. इन विषयों पर संघ की ओर से विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी.