scorecardresearch
 

पहली ही बारिश में खुली MPRDC के दावों की पोल! नए पुल की एप्रोच रोड धंसी, खतरे में हजारों जिंदगियां

MP News: रायसेन के स्टेट हाईवे 19 (बरेली-पिपरिया) पर पहली बारिश में नयागांव का नया पुल धंस गया. 1 दिसंबर 2025 को जवान की मौत के बाद बना था पुल. MPRDC की लापरवाही से बड़ा खतरा...

Advertisement
X
लोग जान जोखिम में डालकर निकाल रहे वाहन.(Photo:Screengrab)
लोग जान जोखिम में डालकर निकाल रहे वाहन.(Photo:Screengrab)

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों के घटिया स्तर का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है. स्टेट हाईवे 19  बरेली-पिपरिया मार्ग पर स्थित नयागांव के नए पुल की एप्रोच रोड पहली ही मूसलाधार बारिश में धंस गई हैं.

निर्माण कार्य में भर्राशाही और लापरवाही का आलम यह है कि नए पुल से आवागमन बाधित होने के बाद नीचे बनाया गया डायवर्जन भी नाले के उफान में पूरी तरह डूब चुका है. इसके बावजूद मौके पर न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं और न ही प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही को रोका है.

जवान की मौत के बाद बना था नया पुल 
बता दें कि इसी नयागांव पुल पर 1 दिसंबर 2025 को मरम्मत कार्य के दौरान 50 साल पुराना जर्जर पुल अचानक ढह गया था. उस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार सेना के एक जवान की असमय मौत हो गई थी.

इस मुद्दे को मीडिया ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद MPRDC ने आनन-फानन में यहां नए पुल का निर्माण कराया था.लेकिन पहली ही बारिश ने पुल कंस्ट्रक्शन क्वालिटी, तकनीकी मजबूती और दावों की हवा निकाल दी है. देखें VIDEO:- 

Advertisement

उफनते नाले के बीच से वाहन निकालने को मजबूर लोग
नया पुल धंसने और एप्रोच रोड कट जाने के कारण पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद है. वहीं, नीचे बना कच्चा डायवर्जन मार्ग पानी में डूब चुका है. इसके बावजूद यात्री, बसें और बाइक सवार अपनी जान हथेली पर रखकर नाले के तेज बहाव के बीच से वाहन निकालने को मजबूर हैं.

यह भी पढ़ें: MP में टूटा 50 साल पुराना ब्रिज, 4 लोग बाइक समेत नीचे गिरे, 10 घायल, MPRDC की बड़ी लापरवाही

स्थानीय निवासियों का कहना है कि MPRDC के कराए जा रहे सभी कार्य बेहद निचले स्तर के साबित हो रहे हैं. अगर समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया या आवागमन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया, तो यहां एक बार फिर 1 दिसंबर 2025 जैसी बड़ी त्रासदी दोहराई जा सकती है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement