
सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार यानी 11 सितंबर को देशभर में बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल की. इसका मध्यप्रदेश में भी व्यापक असर देखने को मिला. बैंक कर्मचारी संगठन के मुताबिक, राज्य की करीब 7000 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा और लगभग 42 हजार कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए. इससे करीब 5500 करोड़ रुपये का रोजाना बैंकिंग कारोबार प्रभावित होने का दावा किया गया है.
MP की 8 हजार से ज्यादा शाखाओं में से 7 हजार प्रभावित
मध्य प्रदेश बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहनकृष्ण शुक्ला के मुताबिक, राज्य में कुल 8,707 बैंक शाखाएं हैं. इनमें से करीब 7000 शाखाओं के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए.
हड़ताल में 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, विभिन्न क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे. बैंक शाखाओं में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के चलते कई नियमित सेवाएं प्रभावित हुईं.
कैश जमा-निकासी से चेक क्लियरेंस तक प्रभावित
हड़ताल का असर बैंक की शाखा आधारित सेवाओं पर पड़ा. इनमें प्रमुख रूप से कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट के नवीनीकरण, सरकारी खजाने से जुड़े काम और अन्य शाखा आधारित वित्तीय गतिविधियां शामिल हैं. देशभर में भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में कैश, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक काम प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है.
हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं हुईं. UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है.
क्यों हड़ताल पर गए बैंक कर्मचारी?
बैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से 5-Day Banking यानी सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा कर्मचारियों की कई अन्य मांगें भी हैं.
प्रमुख मांगों में शामिल हैं:-
UFBU ने कहा है कि 5-Day Banking को लेकर अभी तक कोई ठोस समयसीमा या सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है, जिसके बाद 11 सितंबर की हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया.

गाजियाबाद से अमृतसर तक प्रदर्शन
हड़ताल का असर सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहा. देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक कर्मचारियों ने शाखाओं के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की.
गाजियाबाद में बैंक कर्मचारी नवयुग मार्केट में जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. अमृतसर में भी सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित रहा.
हरिद्वार में बैंक कर्मचारियों ने बैंक बंद रखकर प्रदर्शन किया और मांगें नहीं माने जाने पर आगे भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी.
वहीं करनाल में कर्मचारियों ने पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे रोजाना अतिरिक्त समय काम करने के लिए तैयार हैं.
सितंबर में फिर हो सकती है बड़ी बैंक हड़ताल
11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी बैंक कर्मचारियों का आंदोलन खत्म होने के संकेत नहीं हैं. UFBU ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है. मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है.
ऐसे में अगर मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर दोबारा बड़ा असर पड़ सकता है.