Why Butter Is Yellow: अक्सर लोगों को यह कन्फ्यूजन होता है कि सफेद दूध से बनने वाला बटर आखिर पीले रंग का क्यों होता है? अगर आप भी यही सोचते हैं तो इसके पीछे का कारण बहुत ही सिंपल और वैज्ञानिक है. यह कोई मिलावट नहीं बल्कि प्रकृति का एक कमाल है. डेयरी प्रोडक्ट्स के इस रंग में बदलाव के पीछे सबसे बड़ा हाथ गाय या भैंस के खान-पान और उनके शरीर के केमिकल प्रोसेस का होता है.
दूध सफेद क्यों होता है?
दूध में करीब 87 प्रतिशत हिस्सा पानी होता है और बाकी हिस्सा फैट, प्रोटीन और मिनरल्स से बना होता है. दूध में केसीन नाम का प्रोटीन और बहुत ही बारीक फैट ग्लोब्यूल्स होते हैं. जब रोशनी दूध पर पड़ती है तो ये पार्टिकल्स लाइट की सभी तरंगों को बराबर फैला देते हैं. इस वजह से हमारी आंखों को दूध पूरी तरह सफेद दिखाई देता है.
बटर और घी पीला क्यों हो जाता है?
बटर और घी का पीलापन बीटा-कैरोटीन नाम के एक नेचुरल पिगमेंट की वजह से होता है. यह पिगमेंट घास और हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. जब पशु हरी घास चरते हैं तो यह बीटा-कैरोटीन उनके शरीर में जाकर फैट में जमा हो जाता है.
चूंकि बटर का ज्यादातर हिस्सा मिल्क फैट से बना होता है इसलिए यह बीटा-कैरोटीन बटर में आ जाता है और उसे एक प्यारा सा पीला या सुनहरा रंग देता है. घी को जब हम गर्म करते हैं, तो पानी और दूध के सॉलिड्स अलग हो जाते हैं और शुद्ध फैट बचता है. यह कंसंट्रेटेड फैट उसी पीलेपन को और ज्यादा उभार देता है.
क्या रंग से क्वालिटी का पता चलता है?
ज्यादा गहरा पीला रंग यह बताता है कि गाय ने ताजी और हरी घास ज्यादा खाई है क्योंकि ताजी घास में बीटा-कैरोटीन अधिक होता है. वहीं अगर गाय सूखी घास या अनाज ज्यादा खाती है, तो बटर का रंग हल्का पीला या सफेद हो सकता है. कुछ मामलों में बकरियां बीटा-कैरोटीन को पूरी तरह से विटामिन-ए में बदल देती हैं जो रंगहीन होता है इसलिए बकरी का दूध और उससे बना बटर बहुत ज्यादा सफेद होता है.