सर्दियों में पालक खाने का मजा ही कुछ और है. कभी पालक का साग, तो कभी पालक के पराठे या दाल में हरी-हरी पालक, ये सब्जी खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ खाने को पौष्टिक भी बनाती है. ऐसे में क्यों न इस सर्दी बाजार से बार-बार पालक खरीदने के बजाय इसे घर पर ही उगाया जाए? इसके लिए आपको किसी बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है. घर की छत, बालकनी या छोटे से किचन गार्डन में भी आप आसानी से पालक उगा सकते हैं.
खास बात ये है कि पालक ठंडे मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है. अगर आप सर्दियों की शुरुआत में सही तरीके से इसके बीज बोते हैं और मिट्टी, पानी व धूप का ध्यान रखते हैं, तो कुछ ही हफ्तों में पौधों पर हरी-हरी पत्तियां आने लगती हैं. तो आइए जानते हैं, इस सर्दी घर पर ताजी पालक उगाने का आसान तरीका और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
1. पालक उगाने के लिए सही मौसम चुनें: पालक ठंडे मौसम में अच्छी तरह बढ़ने वाली सब्जी है. इसके पौधे के लिए करीब 8 से 20 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर अनुकूल माना जाता है. बहुत ज्यादा गर्मी पड़ने पर पौधा पत्तियां बढ़ाने के बजाय फूल और बीज बनाने लगता है, जिससे पत्तियों की ग्रोथ पर असर हो सकता है. इसलिए पालक लगाने से पहले मौसम और अपने इलाके के टेंपरेचर का ध्यान रखें.
2. गमले में पालक उगाने के लिए कैसी मिट्टी लें?
पालक लगाने के लिए आपको किसी खास तरह के महंगे गमले की जरूरत नहीं है. आप घर में मौजूद गमले या चौड़े प्लांटर का इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हों, ताकि बारिश या सिंचाई का पानी जमा न हो.
मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए ऑर्गेनिक खाद या कंपोस्ट मिला लें. ऐसी मिट्टी चुनें जिसमें नमी बनी रहे, लेकिन एक्स्ट्रा पानी आसानी से निकल जाए. बहुत ज्यादा गीली मिट्टी में पालक की जड़ें खराब हो सकती हैं.
3. पालक के बीज बोने का सही तरीका: सबसे पहले गमले की मिट्टी को हल्का ढीला कर लें. अब उसमें पालक के बीज करीब आधा इंच गहराई में बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें. बीजों को एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर लगाएं, ताकि पौधों को बढ़ने के लिए अच्छी जगह मिल सके.
इसके बाद हल्के हाथ से पानी डालें. ध्यान रखें कि पानी इतनी तेज धार से न डालें कि बीज अपनी जगह से हट जाएं. मिट्टी में नमी बनाए रखें और कुछ दिनों तक गमले को चेक करते रहें. जब पौधे निकलने लगें, तो कमजोर और बहुत पास-पास उगे पौधों को हटा दें, ताकि बाकी पौधे अच्छी तरह बढ़ सकें.
4. पालक के पौधे को कितनी धूप और पानी चाहिए?
पालक के पौधों को अच्छी रोशनी की जरूरत होती है. इन्हें ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप आती हो. हालांकि, गर्म मौसम में दोपहर की तेज धूप से बचाना बेहतर है. बारिश के दिनों में गमले को ऐसी जगह रखें जहां जरूरत से ज्यादा पानी न भरने पाए.
पानी डालने से पहले मिट्टी की नमी जरूर चेक कर लें. अगर मिट्टी पहले से गीली है, तो दोबारा पानी डालने की जल्दबाजी न करें. लगातार गीली मिट्टी रहने से पौधों की जड़ों और पत्तियों में बीमारी का खतरा बढ़ सकता है.
5. पौधों की अच्छी बढ़त के लिए डालें ऑर्गेनिक खाद
पालक की पत्तियों को हरा-भरा और हेल्दी रखने के लिए मिट्टी में पोषक तत्वों का होना जरूरी है. बीज बोते समय मिट्टी में कंपोस्ट मिलाने से पौधों को शुरुआती पोषण मिलता है. पौधे बढ़ने लगें, तो उनकी जरूरत के अनुसार थोड़ी ऑर्गेनिक खाद डाल सकते हैं. खाद की मात्रा बहुत ज्यादा न रखें. साथ ही, गमले में वीड उग आएं, तो उन्हें हटा दें. इससे पालक के पौधों को मिट्टी से पोषण लेने में मदद मिलेगी.
6. कितने दिनों में तैयार हो जाता है घर का पालक?
पालक की खास बात ये है कि इसकी पत्तियां जल्दी इस्तेमाल करने लायक हो सकती हैं. बीज बोने के करीब 20 से 35 दिन बाद आप छोटी और कोमल पत्तियां तोड़ना शुरू कर सकते हैं. हालांकि, मौसम, बीज की किस्म और पौधों की देखभाल के हिसाब से इसमें समय कम या ज्यादा लग सकता है.
पत्तियां तोड़ते समय पौधे की बाहरी पत्तियों को चुनें और बीच में निकल रही नई पत्तियों को सेफ रहने दें. एक बार में पौधे की सभी पत्तियां न तोड़ें. इससे पौधे को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और आप कुछ समय तक उसकी पत्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे.
7. इन गलतियों से बचेंगे, तभी अच्छी होगी पालक की ग्रोथ
घर में पालक उगाते समय ध्यान रखें कि पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें. बीजों को बहुत पास-पास न बोएं और पौधों को अच्छी रोशनी वाली जगह पर रखें. गमले की मिट्टी में पानी जमा होने से भी पालक की बढ़त रुक सकती है.
इसके अलावा, गर्मी में पालक के पौधों पर जल्दी फूल आने लगते हैं, जिससे पत्तियां अच्छी नहीं बढ़ पातीं. इसलिए सही मौसम में बीज बोएं और पौधों की जरूरत के हिसाब से पानी दें. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप बालकनी या छत पर आसानी से ताजी पालक उगा सकते हैं.