How To Grow Moringa Plant At Home: सहजन की फली की सब्जी तो आपने कई बार खाई होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोरिंगा यानी सहजन को सेहत का खजाना भी माना जाता है? इसकी सिर्फ फलियां ही नहीं, बल्कि पत्तियां और फूल भी खाने में इस्तेमाल किए जाते हैं. यही वजह है कि सहजन को डाइट में शामिल करने के लिए लोग इसके अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाते हैं. इसकी पत्तियों से पराठे और चीले बनाए जा सकते हैं, वहीं सहजन से स्वादिष्ट टिक्की, सब्जी और अचार तक तैयार किया जाता है.
अगर आपको भी सहजन पसंद है, तो हर बार बाजार से फलियां या पत्तियां खरीदने की जरूरत नहीं है. घर की बालकनी, छत या आंगन में थोड़ी सी जगह हो तो आप गमले में ही सहजन यानी मोरिंगा का पौधा उगा सकते हैं. खास बात ये है कि इसके लिए बहुत ज्यादा तामझाम या बागवानी में एक्सपर्ट होने की जरूरत नहीं है. चलिए जानते हैं घर पर आसानी से कैसे मोरिंगा का पौधा उगाया जा सकता है.
सबसे पहले सही गमला चुनना है जरूरी
मोरिंगा का पौधा लगाने के लिए छोटा गमला लेने की गलती न करें. इसके लिए बड़ा और अच्छी गहराई वाला गमला लेना बेहतर होता है, ताकि पौधे की जड़ों को फैलने की जगह मिल सके. गमले में मिट्टी के साथ अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर भरें. गोबर की खाद पौधे को शुरुआती पोषण देने का काम करती है.
बीज से लगाएं या कटिंग से, दोनों तरीके हैं आसान
मोरिंगा का पौधा आप बीज या टहनी की कटिंग, दोनों से तैयार कर सकते हैं. अगर आपके पास मोरिंगा का बीज है तो उसे मिट्टी में करीब 2 से 3 इंच गहराई पर डालकर ऊपर से मिट्टी की हल्की परत डाल दें.
वहीं अगर आप कटिंग से पौधा तैयार करना चाहते हैं तो मोरिंगा की हेल्दी टहनी की कटिंग लेकर उसे तैयार गमले की मिट्टी में लगा सकते हैं. इसके बाद मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है.
रोज की थोड़ी धूप और पानी से बढ़ेगा पौधा
मोरिंगा को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे भरपूर धूप मिल सके. बालकनी, छत या घर का ऐसा हिस्सा जहां दिन में अच्छी रोशनी आती हो, इसके लिए ठीक रहेगा. मिट्टी की नमी देखकर पानी दें और पौधे को लगातार पानी में डुबोकर न रखें. पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए करीब हर महीने गोबर की खाद भी दी जा सकती है. इससे मिट्टी में पोषक तत्व बने रहने में मदद मिलती है.
कीड़े लगें तो नीम तेल आएगा काम
अगर मोरिंगा के पौधे पर कीट दिखाई देने लगें तो तुरंत तेज केमिकल स्प्रे करने की जरूरत नहीं है. आप पौधे पर नीम के तेल का छिड़काव कर सकते हैं. ये भी एक बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. पौधे पर किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सही मात्रा और इंस्ट्रक्शंस जरूर देखें.
5-6 महीने में मिलने लग सकती हैं फलियां
सही देखभाल से मोरिंगा के पौधे में करीब 90 दिन के आसपास फूल आ सकते हैं. इसके बाद लगभग 5 से 6 महीने में फलियां आना शुरू हो सकती हैं. यानी आज लगाया हुआ पौधा कुछ महीनों की देखभाल के बाद आपकी रसोई के लिए ताजी सहजन की फलियां दे सकता है. इस तरह घर में थोड़ी सी जगह का इस्तेमाल करके आप सहजन का पौधा तैयार कर सकते हैं. हालांकि फलियां आने का समय मौसम, पौधे की किस्म, मिट्टी और देखभाल जैसी चीजों पर निर्भर कर सकता है.