साफ-सुथरे, सॉफ्ट और चमकते पैर भला किसी ख्वाहिश नहीं होते. महिला हो या पुरुष हर किसी के लिए पैरों को अच्छा रखना जरूरी होता है जिसके लिए कई लोग साधारण पेडीक्योर के बजाय फिश पेडीक्योर भी करवाते हैं. टब में पैर डालते ही जब छोटी-छोटी मछलियां डेड स्किन को कुतरना शुरू करती हैं तो यह अहसास काफी रिलैक्सिंग होता है. लेकिन ब्यूटी एक्सपर्ट्स और डर्मेटोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, अगर फिश पैडीक्योर के वक्त सावधानी न बरती जाए तो आपकी सेहत को नुकसान भी हो सकता है.
फिश पैडीक्योर के दौरान न करें ये गलतियां
आइए जानते हैं कि फिश पेडीक्योर के दौरान आपको किन गलतियों से बचना चाहिए और ये आपकी त्वचा को कैसे डैमेज कर सकता है.
पानी न बदलना
फिश पैडीक्योर के लिए आप जब भी किसी सैलून या दुकान पर जाएं तो सबसे पहले यह देखें कि टैंक में पानी बदला गया है या फिर पहले से इस्तेमाल किया हुआ रखा है.
फिश पेडीक्योर के टैंक को हर कस्टमर के बाद पूरी तरह सैनिटाइज करना नामुमकिन होता है क्योंकि केमिकल डालने से मछलियां मर सकती हैं. ऐसे में अगर पिछले किसी कस्टमर के पैर में चोट या कट था तो उसके बैक्टीरिया पानी के जरिए सीधे आपकी स्किन में ट्रांसफर हो सकते हैं और यह काफी खतरनाक है.
पैरों पर कट या घाव होने पर रुकें
अगर आपके पैरों में छोटा सा भी कट, छिला हुआ घाव, हाल ही में कराई गई वैक्सिंग या शेविंग के निशान हैं तो फिश पेडीक्योर कराने की गलती भूलकर भी न करें. मछलियां उस हिस्से को और ज्यादा कुरेदकर इन्फेक्शन फैला सकती हैं.
सैलून का हाइजीन लेवल चेक करें
थेरेपी शुरू करने से पहले स्पा स्टाफ से साफ कहें कि वे आपके सामने टब का पानी बदलें और चेक करें कि पानी एकदम साफ और गंधहीन हो.
डायबिटीज के मरीज दूरी बनाएं
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं या आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है, तो आपको फिश पेडीक्योर से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इसमें स्किन डैमेज और अल्सर का खतरा ज्यादा होता है.
मछलियों की प्रजाति पहचानें
असली फिश पेडीक्योर Garra Rufa मछली से होता है जिनके दांत नहीं होते. लेकिन कुछ सस्ते पार्लर चिन चिन (Chin Chin) नाम की चीनी मछली का इस्तेमाल करते हैं जिनके दांत होते हैं. ये मछलियां डेड स्किन के साथ-साथ आपकी असली त्वचा को भी काट लेती हैं जिससे खून निकल सकता है और गहरे जख्म बन सकते हैं.