अक्सर लोग आज के समय में फिटनेस का मतलब महंगे जिम, प्रोटीन सप्लीमेंट्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बताई डाइट को मानने लगे हैं. लेकिन इस कॉम्पिटिशन वाली दुनिया में एक 103 साल के बुजुर्ग की कहानी ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक यूजर ने अपने दादाजी की जर्नी शेयर करते हुए उनकी लंबी उम्र और बेहतरीन हेल्थ का सीक्रेट बताया है. यूजर का दावा है कि उनके दादाजी ने अपनी पूरी जिंदगी में कभी किसी प्रोटीन पाउडर या बाहरी सप्लीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया फिर भी वे 103 साल तक पूरी तरह एक्टिव और सेहतमंद रहे.
पारंपरिक साउथ इंडियन डाइट लेते थे
यूजर के मुताबिक, उनके दादाजी की फिटनेस का सबसे बड़ा क्रेडिट उनकी सिंपल और पारंपरिक साउथ इंडियन डाइट को जाता है. उनके रोज के खाने में घर का बना हुआ फ्रेश खाना, इडली, डोसा, सांभर, चावल और स्थानीय सब्जियां शामिल थीं.
इस पारंपरिक खाने से उन्हें वो सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स और प्रोटीन्स मिल जाते थे जिसके लिए आज की जनरेशन सप्लीमेंट्स पर निर्भर है. वे पैकेज्ड या प्रोसेस्ड फूड से हमेशा दूर रहते थे और घर के खाने को ही सबसे बेस्ट मानते थे.
भीगी हुई मेथी और सुबह का रूटीन
सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया कि उनके दादाजी की सुबह की शुरुआत बेहद साधारण लेकिन असरदार आदत से होती थी. वे रोज सुबह खाली पेट रातभर पानी में भीगे हुए मेथी के दाने खाते थे. आयुर्वेद और मेडिकल साइंस में भी मेथी दानों को ब्लड शुगर कंट्रोल करने, डाइजेशन सुधारने और दिल को दुरुस्त रखने के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. उनकी यह एक छोटी सी आदत उन्हें उम्रभर कई गंभीर बीमारियों से बचाकर रखने में मददगार साबित हुई थीं.
18 साल तक जिया पेट डॉग
यूजर ने बताया कि उनके घर पर 10 गायें थीं और उनके दादाजी शुद्ध दूध ही पीते थे. प्योर दूध का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि उनके पालतू जानवर पर भी देखने को मिला. यूजर ने दावा किया कि उनके घर में एक ऑस्ट्रेलियन टेरियर (डॉग) था, जिसका मुख्य खाना यही गाय का शुद्ध दूध था. आम तौर पर डॉग्स की उम्र इतनी लंबी नहीं होती लेकिन बिना मिलावट वाले इस दूध की ताकत के दम पर उनका पेट डॉग पूरे 18 साल तक जिंदा रहा और एकदम एक्टिव रहा.
लाइफस्टाइल और एक्टिविटी
103 साल तक जीने वाले इन बुजुर्ग की लाइफस्टाइल आज के युवाओं से बिल्कुल अलग थी. वे बिना किसी फैंसी जिम के भी दिनभर फिजिकल एक्टिविटी करते रहते थे. यूजर ने बताया कि उनके दादाजी लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करते थे और वॉक करना उनकी डेली लाइफ का हिस्सा था.
सोशल मीडिया पर इस कहानी के सामने आने के बाद लोग अब मॉडर्न फिटनेस ट्रेंड्स और महंगे सप्लीमेंट्स के ऑपशंस पर सवाल उठा रहे हैं और पुराने जमाने के सिंपल खानपान को ही असली सेहत की चाबी बता रहे हैं.
हालांकि इस दावे में कितनी सच्चाई है, इस बात की पुष्टि हम नहीं करते लेकिन हां, साइंस ये जरूर कहता है घरेलू खाना, फिजिकल एक्टिविटी, स्ट्रेस फ्री लाइफ जैसी आसान चीजों से लंबी उम्र पाई जा सकती है.