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लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए बनेगा 'प्रजासेवा विभाग', कर्नाटक सरकार का फैसला

कर्नाटक सरकार ने जनता की शिकायतों के सीधे निपटारे के लिए 'प्रजासेवा विभाग' बनाने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया विभाग के प्रमुख के रूप में एक आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा.

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 मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, हम नई दिल्ली के कर्नाटक भवन में एक अलग सचिवालय स्थापित करने के प्रस्ताव का भी अध्ययन कर रहे हैं.(Photo: PTI)
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, हम नई दिल्ली के कर्नाटक भवन में एक अलग सचिवालय स्थापित करने के प्रस्ताव का भी अध्ययन कर रहे हैं.(Photo: PTI)

कर्नाटक सरकार ने जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने का फैसला किया है, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दी है. जानकारी के मुताबिक इस नए विभाग के जरिए सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान बेहतर तरीके से कर सकेगी.

सीएम डीके शिवकुमार ने बताया कि कैबिनेट ने पूरे राज्य में जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने का फैसला किया है. इस विभाग की जिम्मेदारी एक खास मंत्री को सौंपी जाएगी.

हर हफ्ते, एक मंत्री के लिए अनिवार्य रूप से किसी एक तालुक मुख्यालय का दौरा करना जरूरी होगा. मंत्रियों को स्थानीय विधायकों के साथ मिलकर जनता से मिलना होगा और सीधे उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा. डीके शिवकुमार ने बताया कि हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि सभी नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर बेंगलुरु यात्रा करें. इस पहल को 'प्रजासेवा विभाग' नाम दिया जाएगा.

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एक बार विभाग बन जाने के बाद, विधायकों के लिए भी शिकायतों की समीक्षा करने के लिए सभी होबली-स्तर के कार्यालयों का दौरा करना जरूरी होगा. विभाग के प्रमुख के रूप में एक आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा, जिनकी मदद के लिए अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे.

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सीएम ने बताया कि हम देखते हैं कि रोज हजारों लोग हमसे और हमारे मंत्रियों से मिलने आते हैं. भले ही हम हर समस्या का मौके पर समाधान नहीं कर सकते, लेकिन हमें उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. आंदोलन अक्सर इसलिए होते हैं क्योंकि शिकायतें सुनने या आवेदन लेने वाला कोई नहीं होता. यह अलग मंत्रालय इस बात को सुनिश्चित करेगा.

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, हम नई दिल्ली के कर्नाटक भवन में एक अलग सचिवालय स्थापित करने के प्रस्ताव का भी अध्ययन कर रहे हैं. कई राज्यों के पास केंद्र से अलग-अलग लाभ हासिल करने के लिए ऐसे कार्यालय हैं, जबकि कर्नाटक कई अधिकारों से वंचित रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा, मैं इस विभाग का नेतृत्व करने के लिए चार से पांच रिटायर्ड सिविल सर्वेंट्स को नियुक्त करूंगा. हम इसे स्थापित करने के कानूनी पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं. यह कार्यालय इस बात पर नजर रखेगा कि अन्य राज्य कैसे ज्यादा लाभ सुरक्षित करते हैं. हम अपने सभी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों से अनुरोध करेंगे कि वे कर्नाटक को अन्य राज्यों की तरह केंद्र सरकार से अधिक वित्तीय सहायता दिलाने में मदद करें.

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