सड़क पर दौड़ते ट्रकों में आपने एक चीज जरूर नोटिस की होगी. कुछ ट्रकों के पीछे एक या दो पहिए जमीन से ऊपर उठे रहते हैं. ट्रक तेज रफ्तार में आगे बढ़ रहा होता है, लेकिन ये पहिए सड़क को छू तक नहीं रहे होते. ऐसे में सवाल उठता है कि जब इन पहियों को जमीन पर चलाना ही नहीं है, तो इन्हें ट्रक में लगाया क्यों जाता है? क्या ये सिर्फ अतिरिक्त पहिए हैं या इनके पीछे कोई खास तकनीक काम करती है?
दरअसल, कुछ ट्रकों में ऐसे पहिए एक खास सिस्टम का हिस्सा होते हैं, जिसे लिफ्ट एक्सल (Lift Axle) कहा जाता है. यह सिस्टम ट्रक के वजन के हिसाब से पहियों का इस्तेमाल करने में मदद करता है. ट्रक खाली होने पर अतिरिक्त एक्सल को ऊपर उठाया जा सकता है, जबकि भारी सामान लादने पर उसे नीचे लाकर वजन बांटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इससे टायरों की घिसावट कम करने और ईंधन बचाने में मदद मिल सकती है. आइए समझते हैं कि यह तकनीक कैसे काम करती है.
ट्रक खाली हो तो पहिया ऊपर क्यों उठा दिया जाता है?
ट्रक जब बिना सामान या कम सामान के चलता है, तो उसके सभी एक्सल की जरूरत एक जैसी नहीं होती. ऐसे में लिफ्ट एक्सल को ऊपर उठाया जा सकता है. इससे उस एक्सल के टायर सड़क के संपर्क से बाहर हो जाते हैं. इसका एक फायदा यह है कि टायरों और सड़क के बीच होने वाला घर्षण कम हो सकता है. टायरों को घुमाने में लगने वाला प्रतिरोध घटने से ट्रक को चलाने के लिए कम ऊर्जा की जरूरत पड़ सकती है. इससे डीजल की खपत कम करने में मदद मिलती है. हालांकि, कितनी बचत होगी, यह ट्रक की बनावट, वजन और सड़क की स्थिति पर निर्भर करता है.
टायर जल्दी नहीं घिसते, रखरखाव का खर्च भी घटता है
ट्रक के टायर काफी महंगे होते हैं. लगातार सड़क पर चलने, ब्रेक लगाने और मोड़ लेने के दौरान इनकी सतह घिसती रहती है. खासकर कई एक्सल वाले ट्रकों में मोड़ लेते समय कुछ टायर सड़क पर घिसट सकते हैं. जब ट्रक खाली हो, तो अतिरिक्त एक्सल को ऊपर उठाने से उसके टायर सड़क पर चलने से बच जाते हैं. इससे उनकी घिसावट कम हो सकती है और टायर लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं. यानी लिफ्ट एक्सल का फायदा सिर्फ डीजल की बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे टायरों के रखरखाव का खर्च भी कम हो सकता है.
अब सवाल है कि अगर पहिया ऊपर उठाने से फायदा होता है, तो उसे हमेशा ऊपर ही क्यों नहीं रखा जाता? इसकी वजह है ट्रक का वजन. जब ट्रक पर भारी सामान लादा जाता है, तो उसके एक्सल और टायरों पर ज्यादा भार पड़ता है. अगर वजन कुछ ही एक्सल पर आ जाए, तो उन पर दबाव बढ़ सकता है.
ऐसी स्थिति में अतिरिक्त एक्सल को नीचे लाया जाता है. इससे ट्रक का भार ज्यादा पहियों में बंटता है और एक एक्सल पर पड़ने वाला भार कम करने में मदद मिलती है. इससे ट्रक को उसकी निर्धारित भार सीमा के भीतर चलाने में मदद मिल सकती है. यानी ट्रक खाली हो तो अतिरिक्त एक्सल को ऊपर उठाया जा सकता है, लेकिन भारी लोड के समय उसे नीचे करना जरूरी हो सकता है. इसका सही इस्तेमाल ट्रक के डिजाइन और निर्धारित वजन सीमा के अनुसार किया जाता है.
हवा में उठा पहिया नीचे कैसे आता है?
इसके पीछे लिफ्ट एक्सल का मैकेनिकल सिस्टम काम करता है. कई ट्रकों में इसे ऊपर-नीचे करने के लिए एयर सस्पेंशन, एयर बैग और कंट्रोल वाल्व का इस्तेमाल किया जाता है. एयर सस्पेंशन में हवा के दबाव की मदद से एक्सल की स्थिति बदली जा सकती है. जरूरत पड़ने पर पहियों को सड़क से ऊपर उठाया जाता है और जरूरत बढ़ने पर उन्हें नीचे लाया जाता है. कुछ ट्रकों में ड्राइवर कंट्रोल के जरिए यह काम करता है, जबकि कुछ में ऑटोमेटिक सिस्टम भी होता है. हालांकि, यह सुविधा हर ट्रक में नहीं होती. इसका इस्तेमाल ट्रक के मॉडल, एक्सल के डिजाइन और उसमें लगे सिस्टम पर निर्भर करता है.
ट्रक में लिफ्ट एक्सल लगाने का मकसद क्या है?
लिफ्ट एक्सल का मुख्य उद्देश्य ट्रक के वजन और जरूरत के हिसाब से पहियों का इस्तेमाल करना है. ट्रक खाली होने पर अतिरिक्त एक्सल को उठाने से टायरों की घिसावट और ईंधन की खपत कम करने में मदद मिल सकती है. वहीं, भारी सामान लादने पर एक्सल को नीचे करके वजन ज्यादा पहियों में बांटा जा सकता है. इस तरह ट्रक का हवा में उठा पहिया हमेशा बेकार नहीं होता. सही परिस्थितियों में यह ट्रक की लागत, टायरों की उम्र और वजन संभालने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करने वाली तकनीक का हिस्सा होता है.