गर्मी में अगर सीलिंग पंखा धीमा चलने लगे तो सबसे पहले मन में यही आता है कि इसकी स्पीड कैसे बढ़ाई जाए. कई लोग इसके लिए पंखे में ज्यादा एमएफडी वाला कैपेसिटर लगाने की सलाह देते हैं. कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि कैपेसिटर बदलते ही पंखा कूलर की तरह तेज चलने लगेगा. लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता. पंखे की मोटर और उसमें लगे कैपेसिटर की एक तय क्षमता होती है. बिना जानकारी के ज्यादा क्षमता वाला कैपेसिटर लगाने से फायदा होने के बजाय पंखे को नुकसान भी पहुंच सकता है.
कैपेसिटर का पंखे में क्या काम होता है?
पंखे में लगा कैपेसिटर मोटर को चलाने में मदद करता है. इसी की मदद से पंखा घूमता है. अगर कैपेसिटर पुराना या खराब हो जाए तो पंखे की रफ्तार कम हो सकती है. पंखा धीरे चलने लगता है और कभी-कभी आवाज भी करने लगता है. ऐसे में पंखे में अपनी मर्जी से कोई भी कैपेसिटर नहीं लगाना चाहिए. पंखे के साथ जितने एमएफडी का कैपेसिटर दिया गया है, उतने ही एमएफडी का कैपेसिटर लगाना सही रहता है. इसकी जानकारी पुराने कैपेसिटर पर लिखी होती है.
सिर्फ पंखे की रफ्तार बढ़ाने के लिए ज्यादा एमएफडी वाला कैपेसिटर लगाने से पंखा ज्यादा गर्म हो सकता है और मोटर को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए कैपेसिटर बदलते समय सही एमएफडी वाला कैपेसिटर ही लगाएं.
4 एमएफडी का कैपेसिटर लगा दें तो?
बाजार में अलग-अलग क्षमता वाले कैपेसिटर मिलते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी पंखे में कोई भी कैपेसिटर लगाया जा सकता है. उदाहरण के लिए, कूलर या किसी दूसरे उपकरण में इस्तेमाल होने वाला कैपेसिटर सीलिंग पंखे में सिर्फ इसलिए नहीं लगाना चाहिए कि उसकी एमएफडी ज्यादा है. पंखे के लिए सही क्षमता वाला कैपेसिटर ही इस्तेमाल करना चाहिए.
आपको बता दें कि 4 एमएफडी के कैपेसिटर छोटे कूलर, एग्जॉस्ट फैन और कुछ बड़े सीलिंग या टेबल फैन की मोटर को चलाने में मदद करता है. इसका इस्तेमाल इन उपकरणों की स्पीड बनाए रखने या बढ़ाने के लिए भी किया जाता है.
पंखे की स्पीड कम हो तो क्या करें?
अगर आपका पंखा अचानक धीमा चलने लगा है तो सबसे पहले कैपेसिटर की जांच करवाएं. इसके अलावा पंखे की मोटर, वायरिंग, रेगुलेटर और बिजली के वोल्टेज की भी समस्या हो सकती है. अगर कैपेसिटर खराब है तो उसे उसी क्षमता और सही रेटिंग वाले नए कैपेसिटर से बदलना बेहतर है. कई बार लोग सोशल मीडिया पर देखकर खुद ही पंखे में ज्यादा एमएफडी वाला कैपेसिटर लगा देते हैं. शुरुआत में पंखा थोड़ा तेज घूमता हुआ नजर आ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मोटर के लिए यह सुरक्षित है.
इसलिए पंखे की स्पीड बढ़ाने के चक्कर में मनमाने तरीके से कैपेसिटर बदलने से बचें. सही क्षमता का कैपेसिटर लगाना ही बेहतर और सुरक्षित तरीका है. अगर पंखा लगातार गर्म हो रहा है, जलने जैसी स्मेल आ रही है या स्पीड बार-बार कम हो रही है तो पंखे को बंद करके किसी इलेक्ट्रीशियन से चेक करवाना चाहिए.