उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग ने अब खतरनाक रूप ले लिया है. सूबे में बढ़ते तापमान और सूखे मौसम की वजह से पिछले कुछ दिनों से जंगलों की आग तेजी से भड़क रही है. चमोली और टिहरी गढ़वाल जिलों में आग पर काबू पाने की कोशिश के दौरान दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं, रुद्रप्रयाग में जंगलों की आग से उठ रहे धुएं ने चारधाम यात्रा के बीच लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
चमोली में जोशीमठ के पाखी गांव के 43 वर्षीय राजेंद्र सिंह की बिरही के पास आग बुझाने की कोशिश करते वक्त मौत हो गई.
इस घटना के बाद ग्रामीणों और परिवार वालों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके साथ ही, मृतक के परिवार के लिए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की.
आग से जूझते हुए महिला की मौत
टिहरी गढ़वाल के कीर्ति नगर ब्लॉक से भी दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है. पैंडुला गांव में रहने वाली 50 वर्षीय अंजू देवी के घर जंगल की आग तेजी से बढ़ रही थी. अपने घर को बचाने के लिए अंजू देवी खुद ही आग को रोकने की कोशिश में जुट गईं. आग से जूझते हुए वे गंभीर रूप झुलस गईं और मौके पर ही मौत हो गई.
जंगल की आग का असर अब सिर्फ वन क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है. रुद्रप्रयाग की खूबसूरत पहाड़ियां और घाटियां इस वक्त धुएं की चादर से ढक गईं हैं. बढ़ते तापमान, भारी वाहनों की आवाजाही और जंगल की आग से निकले धुएं की वजह से तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है. ऐसे में पूरे जिले की विजिबिलिटी में भारी गिरावट आई है.
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इसके अलावा, उत्तरकाशी में जंगल की आग एक बड़ा खतरा बनी हुई है. आग खतरनाक लपटें अब रिहायशी इलाकों के बेहद करीब तक फैल गई हैं. ग्यांशु-साल्ड सड़क पर बसुगांव के पास भीषण आग लगने के बाद एसडीआरएफ, वन अधिकारियों और दमकल टीमों को तैनात किया गया है. बचावकर्मी आग को आस-पास के गावों तक पहुंचने से रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.