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'सुबह 11 बजते ही बजेगा उत्तराखंड में भूकंप का सायरन', आपदा प्रबंधन सचिव बोले- घबराना नहीं है

लोगों को जागरूक करने और वार्निंग सिस्टम के सायरन व सेंसर टेस्ट करने के लिए आज सुबह 11 बजे उत्तराखंड में भूंकप का सायरन बजाया जाएगा. सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने अपील की है कि सायरन बजने पर किसी तरह की घबराहट या भ्रम की स्थिति पैदा न करें.

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विनोद कुमार सुमन  ने कहा- सायरन का उद्देश्य डराना नहीं, भूकंप के प्रति जागरूक करना है. फोटो: (सांकेतिक/ Pexels)
विनोद कुमार सुमन ने कहा- सायरन का उद्देश्य डराना नहीं, भूकंप के प्रति जागरूक करना है. फोटो: (सांकेतिक/ Pexels)

उत्तराखंड में भूकंप के प्रति लोगों को जागरूक करने और राज्य में लगी भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत लगाए गए सायरन और सेंसरों का परीक्षण करने के लिए शुक्रवार सुबह 11 बजे राज्य में भूकंप का सायरन बजाया जाएगा.

यह सायरन किसी वास्तविक भूकंप की सूचना नहीं होगा, बल्कि सिस्टम के परीक्षण और लोगों को जागरूक करने के लिए बजाया जाएगा. गुरुवार को सायरन बजाए जाने को लेकर लोगों को भूदेव ऐप पर अलर्ट भी मिला.

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि आज होने वाले परीक्षण के जरिए लोगों को सायरन की आवाज से परिचित कराया जाएगा, ताकि वास्तविक भूकंप की स्थिति में सायरन सुनकर लोग इसे पहचान सकें और घबराने के बजाय जरूरी सावधानी बरत सकें.

उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए हैं. आज सायरन बजाकर इनकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा. अगर किसी स्थान पर सायरन या सिस्टम में कोई तकनीकी समस्या पाई जाती है, तो उसे तुरंत ठीक कराया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा के समय चेतावनी प्रणाली प्रभावी तरीके से काम कर सके.

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सुमन ने बताया कि राज्य में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है. सायरन और सेंसरों की संख्या दोगुनी की जाएगी. साथ ही, करीब 5 से 10 किलोमीटर की दूरी के अंतराल पर सेंसर और सायरन लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है. यूएसडीएमए और आईआईटी रुड़की के सहयोग से अतिरिक्त सेंसर लगाने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ रहा है. इससे भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी और समय पर चेतावनी देने की क्षमता में और सुधार होगा.

उन्होंने बताया कि आज सायरन के परीक्षण के साथ भूदेव मोबाइल ऐप के उपयोगकर्ताओं के मोबाइल फोन पर भी परीक्षण चेतावनी संदेश, वाइब्रेशन और बीप-बीप की आवाज आएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मोबाइल में भूदेव ऐप का अपडेटेड वर्जन इंस्टॉल या अपडेट रखें और ऐप को हमेशा लोकेशन की अनुमति दें, ताकि वास्तविक भूकंप की स्थिति में समय पर चेतावनी मिल सके.

उन्होंने  लोगों से विशेष अपील की कि आज सुबह 11 बजे सायरन बजने पर किसी तरह की घबराहट या भ्रम की स्थिति न पैदा करें. यह पहले से तय किया गया परीक्षण है. इसका उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें भूकंप के प्रति जागरूक, सतर्क और तैयार करना और राज्य की भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली का नियमित परीक्षण करना है.

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