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175 साल की ऐतिहासिक नैनीताल नगरपालिका की गरिमा तार-तार! बोर्ड बैठक में 'महाभारत', वायरल वीडियो से देशभर में शर्मसार हुई पर्यटन नगरी

देश की सबसे पुरानी नगरपालिकाओं में शामिल नैनीताल नगरपालिका की बोर्ड बैठक शनिवार को हंगामे में बदल गई. एंट्री टैक्स के ठेके को लेकर सभासदों और अधिशासी अधिकारी के बीच तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 175 साल पुरानी संस्था की गरिमा पर उठे सवालों ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल की छवि को भी झटका दिया है.

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एंट्री टैक्स के ठेके पर शुरू हुआ पूरा विवाद.(Photo: Lila Singh Bisht /ITG)
एंट्री टैक्स के ठेके पर शुरू हुआ पूरा विवाद.(Photo: Lila Singh Bisht /ITG)

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल की 175 साल पुरानी ऐतिहासिक नगरपालिका शनिवार को उस समय विवादों में घिर गई, जब बोर्ड बैठक आरोप-प्रत्यारोप, तीखी बहस और हंगामे का अखाड़ा बन गई. सभासदों और अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देशभर में देखा जा रहा है.

बोर्ड बैठक में हुए घटनाक्रम ने सिर्फ नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर ही सवाल नहीं खड़े किए, बल्कि नैनीताल जैसे प्रतिष्ठित पर्यटन शहर की छवि को भी झटका पहुंचाया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस संस्था की पहचान लोकतांत्रिक परंपराओं और शालीनता से रही हो, वहां इस तरह का विवाद चिंताजनक है.

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नैनीताल नगरपालिका देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित स्थानीय निकायों में गिनी जाती है. वर्ष 1850 में स्थापित इस संस्था ने अपने 175 वर्षों से अधिक के इतिहास में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. यही वजह है कि बोर्ड बैठक का यह घटनाक्रम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

जिम कॉर्बेट जैसे सदस्य, ऑटम फेस्टिवल जैसी विरासत

नैनीताल नगरपालिका का इतिहास गौरवशाली रहा है. इस संस्था से कभी विश्वविख्यात संरक्षणवादी जिम कॉर्बेट भी जुड़े रहे. आजादी के बाद देश के पहले "हिल स्टेशन महोत्सव ऑटम फेस्टिवल" की शुरुआत भी इसी नगरपालिका ने की थी, जिसने नैनीताल को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

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गरिमा, शालीनता और लोकतांत्रिक कार्यशैली के लिए पहचानी जाने वाली यही संस्था अब सार्वजनिक विवादों की वजह से सुर्खियों में है. वायरल वीडियो ने इसकी छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस संस्था ने वर्षों तक लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल कायम की, वहां इस तरह के हालात चिंताजनक हैं और इससे शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है.

देखें वीडियो...

एंट्री टैक्स के ठेके पर शुरू हुआ पूरा विवाद

जानकारी के मुताबिक, पूरे विवाद की जड़ नगर प्रवेश शुल्क (एंट्री टैक्स) के 21 महीने के ठेके को लेकर है. सभासदों का आरोप है कि भारी विरोध और बोर्ड की मंजूरी के बिना टेंडर जारी नहीं करने के लिखित आश्वासन के बावजूद, 18 जुलाई को प्रस्तावित बोर्ड बैठक से पहले ही 16 जुलाई को गाजियाबाद की एमजी इन्फ्रा कंपनी को ठेका दे दिया गया.

इसी मुद्दे पर जब बोर्ड बैठक में सभासदों ने अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा से जवाब मांगा तो माहौल अचानक गर्मा गया. देखते ही देखते बैठक में तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और अभद्र व्यवहार के आरोप लगने लगे.

विवाद इतना बढ़ गया कि अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए. वहीं दूसरी ओर, यदि सभासदों को फैसले पर आपत्ति थी, तो उसे भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादा के भीतर उठाए जाने की अपेक्षा थी.

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वायरल वीडियो से नैनीताल की छवि पर सवाल

पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद लोग नगरपालिका की कार्यशैली और बोर्ड बैठक में हुए व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं.

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सभ्यता, संस्कृति, शालीनता और शिक्षित समाज के लिए जानी जाती है. ऐसे शहर की सर्वोच्च स्थानीय निकाय की बैठक में इस तरह का घटनाक्रम सामने आना शहर की छवि के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि एंट्री टैक्स ठेके के विवाद और बोर्ड बैठक में हुए घटनाक्रम को लेकर आगे क्या प्रशासनिक कार्रवाई होती है और नगरपालिका अपनी खोई हुई गरिमा को कैसे बहाल करती है.

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