उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित एक गुरुद्वारे को लेकर विवाद गहरा गया है. निहंग श्रद्धालुओं और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच शुरू हुआ टकराव अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि पंजाब और उत्तराखंड सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है. उन्होंने अपील की है कि किसी भी निर्णय से पहले दोनों पक्षों की बात निष्पक्षता से सुनी जाए और समाधान ऐसा निकलें जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे.
मान ने उत्तराखंड में रह रही सिख संगत से शांति और संयम बनाए रखने की भी अपील की है. उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले का समाधान बातचीत और आपसी समझदारी के जरिए होना चाहिए. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार किसी भी मदद के लिए हमेशा तैयार है.
20 जून से शुरू हुआ यह विवाद हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित गुरुद्वारे के प्रबंधन और कुछ निहंग श्रद्धालुओं के बीच टकराव के बाद लगातार चर्चा में है. मिली जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंग श्रद्धालुओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हुआ था. आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ निहंग श्रद्धालु गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और परिसर पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश करने लगे. इस दौरान गुरुद्वारे के सेवादारों के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार की घटनाएं भी सामने आईं. ताजा अपडेट की बात करें तो 7 में से एक निहंग के नीचे उतरने के बाद अब एक और निहंग नीचे उतर आयें हैं. यानी अब गुरुद्वारा की छत पर कुल 5 निहंग मौजूद हैं.
पूरी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की टीमें मौके पर पहुंचीं. स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन खबर लिखे जाने तक गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका था.