गुरुवार की शाम 6 बजे के बाद अचानक सोने-चांदी में बड़ी गिरावट देखी जा रही है, चांदी में कीमत भर-भराकर 3.50 फीसदी से ज्यादा यानी 8500 रुपये घट गई. कारोबार के दौरान चांदी की कीमत गिरकर 2,18,401 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. चांदी की कीमत इसी साल जनवरी में MCX पर बढ़कर 4.21 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी. जहां से चांदी करीब 2 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है.
अगर सोने की बात करें तो 2 फीसदी से ज्यादा सस्ता हो चुका है. MCX पर 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव घटकर 1,42,690 रुपये हो गया है. सोने की कीमतों में गुरुवार की शाम 3 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है. सोना अपने जनवरी के ऑल टाइम हाई से करीब 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है. जनवरी में सोने का भाव बढ़कर 1.91 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. सोने-चांदी में गिरावट के पीछे वैश्विक महंगाई बढ़ने का डर है.
शेयर बाजार में भी भूचाल
इस बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में ब्रेंट क्रूड उछलकर $98 के प्रति बैरल को पार गया है. जिससे लगातार चौथे दिन भारतीय बाजार ने गिरावट के साथ अपना कारोबार बंद किया. निफ्टी 126 अंक गिरकर 23869 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1-1% टूटकर बंद हुआ. इस गिरावट से निवेशकों को 3 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ.
भारत अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगे तेल से देश में महंगाई बढ़ने और चालू खाते का घाटा (CAD) बढ़ने का डर सताने लगा है. बाजार में अनिश्चितता के माहौल के चलते निवेशकों ने जोखिम लेने से परहेज किया, जिससे India VIX यानी वोलेटिलिटी इंडेक्स में भारी उछाल दर्ज किया गया. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाले जाने से भी दबाव और अधिक बढ़ गया.
इन स्टॉक्स में भारी गिरावट
कारोबारी सत्र के दौरान गुरुवार को बाजार के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में रहे. बैंकिंग, ऑटो, आईटी और एनर्जी सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली. हालांकि बाजार की इस तेज गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखी गई. महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और ज़ोमैटो जैसे शेयर हरे निशान में बंद हुए. कच्चे तेल की बढ़ती दरों का सबसे सीधा और बुरा असर एविएशन और ऑटो सेक्टर्स पर पड़ा. इंडिगो और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयर टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे और इनमें तेज गिरावट दर्ज की गई.