scorecardresearch
 

देहरादून: त्यूणी में जंगल में लगी भीषण आग, जलकर राख हुए सेब के बगीचे

देहरादून के त्यूणी क्षेत्र में लगी जंगल की आग ने स्थानीय सेब बागानों और मकानों को भारी नुकसान हुआ है. आग लगने से सेब के बगीचें तबाह हो गए हैं. प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है. ये घटना उत्तराखंड में बढ़ती जंगल की आग की घटनाओं का एक गंभीर उदाहरण है जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है.

Advertisement
X
देहरादून त्यूणी में लगी भीषण आग. (Representative Image/File)
देहरादून त्यूणी में लगी भीषण आग. (Representative Image/File)

देहरादून के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र त्यूणी में जंगल की आग ने हरटाड़ गांव के पास भीषण तबाही मचाई है. जंगल में लगी ये आग रिहायशी और कृषि इलाकों तक पहुंच गई है, जिससे सैकड़ों सेब के पेड़ और एक दो मंजिला मकान जलकर खाक हो गया.

स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेज और विकराल थी कि पूरा गांव अफरा-तफरी में आ गया. ग्रामीण इधर-उधर भागते रहे, पानी की बाल्टियां लेकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं और दुर्गम पहाड़ी इलाके के कारण आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया. कड़ी मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया, तब तक आग ने जंगल के सैकड़ों पेड़ों के साथ-साथ किसानों की सालों की मेहनत को राख में तब्दील कर दिया.

बताया जा रहा है कि इस अग्निकांड का सबसे बुरा असर स्थानीय सेब किसानों पर पड़ा है. जिन बगीचों से इस सीजन में अच्छी पैदावार और कमाई की उम्मीद थी, वे अब पूरी तरह राख में तब्दील हो चुके हैं. ग्रामीणों में इस घटना के बाद से हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल है. आग इतनी विकराल थी कि लोग अपनी जान बचाने और बगीचों को सुरक्षित करने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.

घटना की भयावह तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों में धधकती हुई छानी, जलते हुए कीमती सेब के पेड़ और धुएं से भरा पूरा इलाका साफ देखा जा सकता है. भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे पीड़ित किसानों ने अब शासन और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं. उनका कहना है कि इस नुकसान का तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा खड़े हो सकें.

आपको बता दें कि  उत्तराखंड में पिछले कुछ सालों में जंगल की आग की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement