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'वीआईपी' को लेकर अंकिता भंडारी के पिता ने क्या कहा? CBI जांच के ऐलान के बाद सामने आया ऑडियो

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की संस्तुति की है. इसके बाद एक ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसमें अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ‘वीआईपी’ एंगल और जांच की निगरानी को लेकर बात कर रहे हैं.

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अंकिता भंडारी केस में पिता ने वीआईपी को लेकर क्या कहा. (File Photo: ITG)
अंकिता भंडारी केस में पिता ने वीआईपी को लेकर क्या कहा. (File Photo: ITG)

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की CBI जांच की संस्तुति की है. इसके बाद अब एक ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसमें अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और राज्य आंदोलनकारी व उत्तराखंड महिला मंच की अध्यक्ष कमला पंत के बीच फोन पर बातचीत हुई है. इस ऑडियो में 'वीआईपी; एंगल को लेकर वीरेंद्र भंडारी की नाराजगी साफ झलकती है.

यह बातचीत उस समय की बताई जा रही है, जब शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी केस में CBI जांच की घोषणा की. फोन पर कमला पंत ने वीरेंद्र भंडारी से पूछा कि क्या आपको पता है कि मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की बात कही है? इस पर वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि इसमें उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है, जैसा हमने मांग रखी थी.

उन्होंने आगे कहा कि हमने साफ तौर पर कहा था कि 'वीआईपी' को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज के निगरानी में होनी चाहिए. हमने इस संबंध में मांग पत्र दिया था. मुख्यमंत्री ने सिर्फ इतना कहा कि अंकिता भंडारी केस की जांच सीबीआई को सौंपेंगे. वीरेंद्र भंडारी ने आगे कहा कि 'वीआईपी' के बारे में भी मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं कहा है. वीरेंद्र ने उस 'वीआईपी' की बात की, जिसका नाम शुरुआत से इस मामले में सामने आता रहा है. 

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बता दें कि अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी और 24 सितंबर को उसका शव बरामद किया गया था. इस मामले में तीन साल चार महीने बाद मई 2025 में अदालत ने पुलकित आर्य, उसके सहयोगी अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

यह भी पढ़ें: अंकिता भंडारी को इंसाफ मिला या सच दब गया... उम्रकैद के 8 महीने बाद फिर क्यों सुलगा उत्तराखंड? पढ़ें इनसाइड स्टोरी

CBI जांच की संस्तुति के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शुरू से निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है. उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया, आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया गया और प्रभावी पैरवी के चलते किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी. SIT की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई और अंततः निचली अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ ऑडियो क्लिप्स को लेकर अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं और उनकी जांच जारी है. 

वहीं, CBI जांच के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि सिर्फ CBI जांच की घोषणा काफी नहीं है, देश को यह जानना चाहिए कि वीआईपी कौन था और उस रात बुलडोजर किसके आदेश पर चलाया गया.

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