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राममय हुई काशी, दीपमाला से 'जय श्री राम' लिखकर की गई विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती

गंगा आरती के प्रधान अर्चक ने कहा कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर ही हमने दीपमाला से जय श्रीराम लिखकर गंगा आरती करने का निर्णय लिया है. दीपमाला से जय श्रीराम लिखकर गंगा आरती करने का क्रम 5 अगस्त तक जारी रहेगा.

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दीपमाला से लिखा जय श्रीराम
दीपमाला से लिखा जय श्रीराम

  • सीएम योगी की अपील का दिखा असर
  • 5 अगस्त को होना है मंदिर का भूमि पूजन

आध्यात्मिक नगरी काशी में भी राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर उत्साह चरम पर है. काशी भी राममय होने लगी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दीपोत्सव मनाने की अपील का असर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में दिखने लगा है. शनिवार को विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के दौरान दोपोत्सव मनाया गया. गंगा आरती के दौरान दीपमाला से जय श्रीराम लिखा गया.

इस संबंध में गंगा सेवा निधि के प्रधान अर्चक रणधीर पांडेय ने कहा कि अध्यात्म नगरी काशी और प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या का नाता पुराना है. उन्होंने कहा कि लगभग 500 साल के इंतजार के बाद राम जन्मभूमि पर रामलला के मंदिर का भूमि पूजन होने जा रहा है. रणधीर पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से आह्वान किया था कि अपने घर से दीप दान करें.

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गंगा आरती के प्रधान अर्चक ने कहा कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर ही हमने दीपमाला से जय श्रीराम लिखकर गंगा आरती करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि दीपमाला से जय श्रीराम लिखकर गंगा आरती करने का क्रम 5 अगस्त तक जारी रहेगा. गौरतलब है कि 5 अगस्त को राम मंदिर के लिए भूमि पूजन होना है. इस दौरान वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे.

भूमि पूजन का अनुष्ठान संपन्न कराने का दायित्व भी वाराणसी के पंडितों को ही सौंपा गया है. काशी विद्वत परिषद के मंत्री और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रोफेसर पंडित रामनारायण द्विवेदी और दो अन्य पंडित राम मंदिर के भूमि पूजन का अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए 3 अगस्त को अयोध्या जाने वाले हैं.

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