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अमर सिंह के आरोपों पर अखिलेश का जवाब- बीजेपी चाह रही है ध्यान भटकाना

राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने लखनऊ में प्रेस वर्ता के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खान पर जबरदस्त हमला बोला था. उन्होंने शिवपाल यादव की तारीफ की, वहीं अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप भी लगाए.

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव

राज्यसभा सांसद व पूर्व सपा नेता अमर सिंह के आरोपों का यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सधा हुआ जवाब दिया. किसी भी आरोप पर सीधे न बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि बीजेपी अहम मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है.

अखिलेश यादव ने कहा कि मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने की ताकत सिर्फ बीजेपी के पास है. गरीबी, बेरोजगारी और सरकारी वायदों पर कोई बात नहीं हो रही है. देश का युवा परिवर्तन चाहता है, यूपी की जनता बदलाव चाहती है. किसान से लेकर व्यापारी परेशान हैं. आखिर इन मुद्दों से देश का ध्यान कब तक भटकाया जाएगा.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी 19 सितंबर से साइकिल यात्रा करने जा रही है. जिस एक्सप्रेसवे पर सुखोई और मिराज उतरा था, उसपर नौजवान साइकिल चलाएंगे. उन्होंने कहा कि देश 2019 में नया पीएम चाहता है.

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अखिलेश ने कहा कि डिजिटल दुनिया में कुछ फैलाया जा रहा है. इसमें कुछ लोगों को ज्यादा जानकारी है. हमने भी बच्चों को लैपटॉप बांटे थे. जब सरकार बनेगी तब बिना भेदभाव लैपटॉप बांटे जाएंगे. हम सरकार को उसका वायदा याद दिलाना चाहते हैं. एक बार हमारी सरकार में बंटे लैपटॉप की सूची निकालकर देख ले. बीजेपी से बड़ा झूठ कोई बोल नहीं सकता.

ने कहा कि युवा ही 2019 में लड़ाई लड़ेंगे. ये वही सरकार है जिसने नौकरियां देने का वायदा किया था. लेकिन ऐसा कुछ हुआ ही नहीं. वहीं अमर सिंह द्वारा 'समाजवादी पार्टी' को 'नामाजवादी पार्टी' कहने के सवाल पर अखिलेश ने कहा 'हमारे प्रोडक्ट, बीजेपी वाले प्रोडक्ट नहीं हैं'.

गौरतलब है कि अमर सिंह ने की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने शिवपाल की बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कराने के लिए समय तय कराया था. लेकिन शिवपाल नहीं गए. शिवपाल शिल्पकार नहीं, मुलायम की अच्छी कृति हैं. शिवपाल ने किसी की इज्जत नहीं लूटी. किसी के साथ छेड़छाड़ नहीं की. वहीं, अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने शिवपाल को ही नहीं, बल्कि अपनी मां के साथ-साथ बाप मुलायम सिंह यादव को भी नहीं छोड़ा.

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