फर्जी डिग्री विवाद में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली का पटियाला हाउस कोर्ट ने मामले की सुनवाई 1 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है.
दरअसल फर्जी डिग्री विवाद में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को तलब करने की मांग की गई है. ईरानी पर चुनाव लड़ने के लिए चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारियां देने का आरोप लगा था.
फ्रीलांस राइटर अहमर खान ने स्मृति के खिलाफ शिकायत की थी. खान ने लगाया था कि स्मृति ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गुमराह करने वाली सूचना दी थी और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और आईपीसी के प्रावधानों के तहत यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत जानकारी देता है तो उसे सजा दी जा सकती है.EC का दावा- दस्तावेज उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध
इससे पहले, चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए एक अधिकारी ने अदालत को बताया था कि की ओर से उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में दाखिल किए गए दस्तावेज मिल नहीं पा रहे. हालांकि चुनाव आयोग ने
कहा कि यह जानकारी उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है.
Smriti Irani fake degree case adjourned till October 1st.
— ANI (@ANI_news)
DU को नहीं मिले स्मृति के डॉक्यूमेंट्स
अदालत के पहले के निर्देश के बाद ने भी कहा था कि स्मृति के 1996 के बीए पाठ्यक्रम से जुड़े दस्तावेज नहीं मिल पा रहे. साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान स्मृति ने अपने हलफनामे में
1996 में बीए पाठ्यक्रम करने का जिक्र किया था.