scorecardresearch
 

जम्‍मू-कश्‍मीर: नए साल में रिपोर्ट सौंपेंगे वार्ताकार

जम्मू-कश्मीर पर वार्ता की शुरुआत करने के लिए नियुक्त तीन सदस्यीय वार्ताकारों का समूह सरकार को अगले वर्ष की शुरुआत में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, ताकि दशकों पुराने मुद्दे का राजनीतिक समाधान हो सके.

Advertisement
X

जम्मू-कश्मीर पर वार्ता की शुरुआत करने के लिए नियुक्त तीन सदस्यीय वार्ताकारों का समूह सरकार को अगले वर्ष की शुरुआत में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, ताकि दशकों पुराने मुद्दे का राजनीतिक समाधान हो सके.

तीनों वार्ताकार 17 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तक राज्य का दौरा करेंगे और कश्मीर मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए ‘‘विस्तृत रूपरेखा’’ प्रस्तुत करेंगे. प्रक्रिया की शुरुआत करने से पहले रक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति में इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा. प्रख्यात पत्रकार दिलीप पडगांवकर, शिक्षाविद राधा कुमार और पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त एम एम अंसारी को 13 अक्तूबर को वार्ताकार नियुक्त किया गया था.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि विसैन्यीकरण के कदम उठाए गए हैं, 66 युवकों को रिहा कर दिया गया है, जबकि लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत 22 मामलों को वापस ले लिया गया है.

अपनी तीसरी यात्रा में समूह जम्मू, राजौरी, पुंछ, डोडा और श्रीनगर जैसे जिला मुख्यालयों का दौरा करेगा.

केंद्र ने अपनी ‘‘कुछ’’ अनुशंसाओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य के पास भेज दिया है. गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘अनुशंसाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को कुछ अनुशंसाएं भेज दी गई हैं. कुछ को लागू किया जा रहा है.’’{mospagebreak}

Advertisement

सरकार ने वार्ताकारों की पहली रिपोर्ट की कुछ सिफारिशों पर कार्रवाई प्रक्रिया शुरू कर दी है. इन सिफारिशों में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने, शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की अनुमति देने, जिन पर गंभीर आरोप नहीं हैं, उन उग्रवादियों या प्रदर्शनकारियों को रिहा करना शामिल है. सरकार ने बताया कि इन सिफारिशों में से कुछ को आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

गृह मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार वार्ताकारों ने नौजवान पुरुष और महिलाओं के लिए केन्द्रीय और राज्य की सरकारी नौकरियों की पहचान करने, कश्मीरी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा करने, विधवाओं और यतीमों की वित्तीय सहायता बढ़ाने, लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने, कश्मीर में निवेश बढ़ाने, पहाड़ी को विशेष दर्जा देने, गुज्जर और बकरेवाल समुदायों का राजनीतिक संस्थाओं एवं नौकरशाही में प्रतिनिधित्व बढ़ाने तथा कश्मीरी पंडितों के मासिक भत्ते में बढ़ोत्तरी की भी सिफारिश की है.

वार्ताकारों ने 23 से 28 अक्तूबर की अपनी जम्मू कश्मीर यात्रा के आधार पर सरकार को यह सिफारिशें पेश की है. सरकार ने कहा कि वार्ताकारों की इन सिफारिशों पर गहनता से विचार किया जा रहा है.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement