पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी की ओर से फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल 2018 विजेता फ्रांस की टीम को ट्वीट पर बधाई दिए जाने के बाद से वे ट्रोल की जाने लगीं. किरण बेदी ने ट्रोल के पलटवार में कहा है कि वे अपना समय नष्ट ना करें.
दरअसल, रविवार रात को रूस में वर्ल्ड कप फाइनल में फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से मात देकर खिताब अपने नाम किया तो किरण बेदी ने ट्वीट में इस तरह बधाई दी- “हम पुडुचेरियन्स (पूर्व फ्रेंच कॉलोनी) ने वर्ल्ड कप जीता है. बधाई मित्रों. क्या मिश्रित टीम-सभी फ्रेंच. खेल जोड़ता है.”
Congrats my brothers & sisters in Puducherry.
We won.
In Puducherry we can build on this spirit of celebration by promoting football in UT by organising inter village, inter town and inter city football tournaments.
It costs just ONE ball to unite,as was visible in French Team
— Kiran Bedi (@thekiranbedi)Advertisement
को पूर्व फ्रेंच कॉलोनी बताए जाने पर ही किरण बेदी को ट्रोल किया जाने लगा. ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने इसे कॉलोनियल हैंगओवर बताया. दिल्ली के दौरे पर आई हुईं किरण बेदी ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'पुडुचेरी के लोग अपनी फ्रेंच विरासत पर गर्व अनुभव करते हैं. ये उपनिवेशवाद नहीं है. ट्वीट आनंद को साझा करने के उद्देश्य से किया गया.'
किरण बेदी ने कहा, ‘इस केंद्र शासित प्रदेश के लोगों में फ्रेंच इतिहास और विरासत के साथ मजबूत पहचान की भावना पाई जाती है. पुडुचेरी में कई परिवार ऐसे हैं जो यहां के साथ फ्रांस में भी रहते हैं. कई के पास फ्रेंच पासपोर्ट हैं. परंपरा के मुताबिक फ्रांस विकास कार्य का हिस्सा है.’ उपराज्यपाल के मुताबिक में लोग फ्रांस की जीत से बहुत आनंदित थे. उन्होंने ट्वीट पर विवाद को समय की बर्बादी बताया. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी ने भी फ्रांस की टीम को शुभकामनाएं दीं.
पुडुचेर्री के लोग भावनात्मक रूप से फ्रेंच संस्कृति से जुड़े हुए हैं. वाइट टाउन में हमने फ्रेंच विरासत को बरकरार रखा है. मैंने ख़ुशी बाँटने के मकसद से फ्रांस की जीत पर ट्वीट किया था क्योंकि खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं. उपनिवेशिता को बढ़ावा देने का मेरा कोई मकसद नहीं..
— Kiran Bedi (@thekiranbedi)
बता दें कि रविवार सुबह भी उपराज्यपाल किरण बेदी ने फाइनल में फ्रांस की जीत की कामना करते हुए ट्वीट किया था- पुडुचेरी में हम सभी वर्ल्ड कप में फ्रांस को जीतते देखना चाहते हैं क्योंकि पुडुचेरी का फ्रांस से बहुत यादगार और ऐतिहासिक नाता रहा है. पुडुचेरी के हजारों लोगों के फ्रांस के साथ नजदीकी संबंध रहे हैं. फ्रांस भी कई तरीकों से पुडुचेरी का उदारता से समर्थन करता रहा है.पुडुचेरी पहले पॉन्डिचेरी के नाम से जाना जाता था. इस छोटी फ्रेंच कॉलोनी का 1962 में भारत में विलय हुआ था.
Good .
We in Puducherry wanted France to win d as d UT of Puducherry has a very memorable historical bond with .
Thousands of Puducherrians have maintained close ties with France. France also generously supports Puducherry in several ways
— Kiran Bedi (@thekiranbedi)