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बीसीसीआई ने आईपीएल में फेरबदल किया, मोदी की छुट्टी

आईपीएल में आमूलचूल बदलाव करते हुए बीसीसीआई ने बुधवार को सुनील गावस्कर को इस ट्वेंटी-20 लीग की संचालन परिषद से हटा दिया जबकि इसके सदस्यों की संख्या भी घटाकर आठ कर दी जिनका कार्यकाल एक साल का होगा.

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आईपीएल में आमूलचूल बदलाव करते हुए बीसीसीआई ने बुधवार को सुनील गावस्कर को इस ट्वेंटी-20 लीग की संचालन परिषद से हटा दिया जबकि इसके सदस्यों की संख्या भी घटाकर आठ कर दी जिनका कार्यकाल एक साल का होगा.

इसके साथ ही आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी को बर्खास्‍त किये बगैर प्रभावी तौर पर उनके लिए दरवाजे बंद हो गये. गावस्कर को आईपीएल की संचालन परिषद में शामिल नहीं करने का फैसला क्रिकेट बोर्ड ने यहां अपनी वाषिर्क आम बैठक में किया जिसमें अंतरिम अध्यक्ष चिरायु अमीन को इस ट्वेंटी-20 लीग का पूर्णकालिक अध्यक्ष भी बनाया गया.

बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने आम सभा की वाषिर्क बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘वाषिर्क आम बैठक में आईपीएल की संचालन परिषद के संविधान में बदलाव किया गया. बोर्ड की उप समिति संचालन परिषद का कार्यकाल भी दो साल से घटाकर एक साल कर दिया गया है.’ उन्होंने कहा, ‘इसके पांच सदस्य होंगे और दो क्रिकेटर समिति का हिस्सा होंगे. पहले क्रिकेटरों को एक करोड़ रुपये दिये जाते थे लेकिन बीसीसीआई ने अब से कोई भुगतान नहीं करने का फैसला किया है.’

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मनोहर ने साथ ही कहा, ‘मोदी अब बीसीसीआई का हिस्सा नहीं हैं. वह अब नहीं कह सकते कि वह आईपीएल के निलंबित अध्यक्ष हैं.’ मोदी की जगह मध्य क्षेत्र के एक अन्य प्रतिनिधि राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष होंगे. अमीन के अलावा बोर्ड ने रवि शास्त्री और पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौती को पुनर्गठित संचालन परिषद में बरकरार रखा है जिसके दो नये सदस्य हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता रंजीब बिस्वाल होंगे. {mospagebreak}

परिषद के तीन अन्य सदस्य अरूण जेटली, शुक्ला और अजय शिर्के होंगे जबकि बीसीसीआई ने कहा कि परिषद के आठवें सदस्य का चयन उसके अध्यक्ष मनोहर करेंगे. बीसीसीआई ने बयान में कहा, ‘आम सभा ने अध्यक्ष को एक प्रतिष्ठित क्रिकेटर को नामित करने का अधिकार दिया है.’ बुधवार की बैठक में कुछ और अहम फैसले किये गये.

बीसीसीआई ने स्वामित्व पैटर्न में अनियमितताओं के कारण तीन आईपीएल फ्रेंचाइजियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये जबकि पूर्व बोर्ड अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के खिलाफ 1996 विश्व कप के पिलकाम खाते में कोष की अनियमितताओं के आरोप हटा दिये गये. बीसीसीआई ने दो दिग्गज कानूनी जानकारों उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एमके मुखर्जी और पूर्व अटार्नी जनरल सोली सोराबजी से परामर्श के बाद आईसीसी के पूर्व अध्यक्ष डालमिया के खिलाफ मामला वापस लेने का फैसला किया.

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उम्मीद के मुताबिक बोर्ड सचिव एन श्रीनिवासन को बीसीसीआई की 81वीं वाषिर्क आम बैठक में भावी अध्यक्ष भी चुना गया जबकि अन्य मौजूदा पदाधिकारी भी निर्विरोध अपने पदों पर चुने गये. श्रीनिवासन और मनोहर के अलावा कोषाध्यक्ष एमपी पांडोव और संयुक्त सचिव संजय जगदाले ने भी दो साल का कार्यकाल पूरा कर दिया था और तीसरे साल के लिए उन्हें दोबारा चुना गया.

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