प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन पर राजनीतिक हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के बाद अब कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठा दिए हैं. अहमद पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख कहा है कि वह इस प्रोजेक्ट के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इस प्रोजेक्ट के नाम पर किसानों के अधिकार को नहीं छीनना चाहिए.
अहमद पटेल ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि NHSRC जिला अधिकारियों के साथ मिलकर किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर रहे हैं, लेकिन किसानों की शिकायत है कि इस दौरान 2013 के भूमि अधिग्रहण बिल के नियमों का पालन नहीं किया गया है.
Our objective is not to obstruct the project the government is undertaking. But in the process of building a bullet train one can’t bulldoze the constitutional rights of farmers
— Ahmed Patel (@ahmedpatel)
अहमद पटेल ने इसके अलावा कई मुद्दों को अपनी चिट्ठी में उठाया है. बता दें कि बुलेट ट्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है. देश में सबसे पहले अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी. इसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने साथ में रखी थी. इस प्रोजेक्ट को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मंगलवार को महाराष्ट्र के किसानों से अपील की कि वे मुंबई - अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अपनी भूमि नहीं दें. पालघर जिले के वसई में एक जन सभा में ठाकरे ने कहा, ‘‘यहां के लोगों को मुंबई - अहमदाबाद बुलेट ट्रेन और मुंबई - वडोदरा एक्सप्रेस वे के लिए अपनी जमीन नहीं बेचनी चाहिए.’’
ठाकरे ने एक मई 1960 को महाराष्ट्र और गुजरात को बनाए जाने के संदर्भ में कहा कि यह बुलेट ट्रेन के नाम पर जमीन खरीदने और मुंबई (और उसके आसपास के इलाकों से) से मराठी लोगों को हटाने की चाल है.
आपको बता दें कि अभी कुछ ही दिन पहले ही गुजरात के किसान अपना विरोध जता चुके हैं. भूमि अधिग्रहण को लेकर गुजरात में किसानों का विरोध समस्या पैदा कर रहा है. इस प्रोजेक्ट के लिए किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं. लिहाजा वो जमीन अधिग्रहण का कड़ा विरोध कर रहे हैं.