scorecardresearch
 

हाउसिंग सोसायटी भूमि आवंटन घोटाला में दो अधिकारी बरी

निष्क्रिय पड़ी सहकारी आवासीय समितियों को जालसाजी से भूमि आवंटन करने के 4,000 करोड़ रूपये के घोटाले में कथित तौर पर लिप्त शहर के दो अधिकारियों को दिल्ली की एक अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.

Advertisement
X

निष्क्रिय पड़ी सहकारी आवासीय समितियों को जालसाजी से भूमि आवंटन करने के 4,000 करोड़ रूपये के घोटाले में कथित तौर पर लिप्त शहर के दो अधिकारियों को दिल्ली की एक अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.

 

चेहरा पहचानें, जीतें ईनाम. भाग लेने के लिए

अदालत ने इस मामले के आठ अन्य सहआरोपियों के खिलाफ आगे की सुनवाई के लिए मामला एक मजिस्ट्रेटी अदालत में यह कहते हुए स्थानांतरित भी कर दिया कि दो सरकारी अधिकारियों को बरी करने के साथ ही वह इस पर अपना न्याय क्षेत्र खत्म करती है.

विशेष न्यायाधीश आर पी पांडे ने सहकारी समितियों के पंजीयक कार्यालय के अधिकारियों एस डी शर्मा और देवजीत दत्ता को सबूतों के अभाव में ऐसे समय पर बरी किया है जब आरोपियों पर आरोप तय किए जा रहे हैं.


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि मैंने पाया कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप तय करने के लिए आरोपियों एस डी शर्मा और देवजीत दत्ता के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. इसलिए दोनों को बरी किया जाता है.

Advertisement

अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत नौकरशाहों के खिलाफ सुनवाई खत्म होने के बाद अन्य आरोपियों के संदर्भ में अदालत अपना न्यायक्षेत्र समाप्त करती है और यह मामला मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के पास भेजती है.

Advertisement
Advertisement