पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को चार दिवसीय विपश्यना ध्यान शिविर में हिस्सा लेने के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए. आम आदमी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री एक निजी वेलनेस सेंटर में आयोजित ध्यान कार्यक्रम में शामिल होंगे और सोमवार तक पंजाब लौटने की संभावना है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वह हाल ही में सामने आए एक विवादित वीडियो को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं. इसी विवाद के बीच अकाल तख्त ने उन्हें 'गुरु दोखी' घोषित किया था.
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने दावा किया था कि जिस वीडियो में भगवंत मान जैसे दिखने वाले व्यक्ति को देखा गया है, उसकी जांच दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं ने की और उसे प्रामाणिक बताया. हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से इन आरोपों को लगातार खारिज किया जा रहा है.
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब भगवंत मान बेंगलुरु में किसी स्वास्थ्य या ध्यान कार्यक्रम में शामिल होने गए हैं. इससे पहले फरवरी 2026 में भी वह नेचुरोपैथी कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु के एक निजी नेचर केयर सेंटर गए थे.
बेंगलुरु रवाना होने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धूरी में राज्य सरकार की 'मावां धियां सत्कार योजना' की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने दावा किया कि यह 2022 विधानसभा चुनाव से पहले जनता से किए गए आम आदमी पार्टी के आखिरी चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में कदम है.
मुख्यमंत्री के बेंगलुरु दौरे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है. पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि जब राज्य बाढ़ के खतरे, आर्थिक संकट, किसानों की समस्याओं और बढ़ते जनाक्रोश जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, तब मुख्यमंत्री का राज्य छोड़कर विपश्यना शिविर में जाना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है.
ढिल्लों ने आरोप लगाया कि राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, नहरों और वितरिकाओं में टूट-फूट की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि किसानों को धान की खेती के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, राज्य पर कर्ज बढ़ रहा है, सरकारी कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं और महिलाओं से किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए हैं.
हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान के बेंगलुरु दौरे को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से इसे पहले से तय निजी ध्यान कार्यक्रम बताया गया है.