फेसबुक के कथित दोहरे मापदंडों को लेकर देश में सियासी बहस छिड़ी हुई है. अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल के ताजा खुलासे के बाद एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. फेसबुक की इंडिया पब्लिक पॉलिसी हेड अंखी दास की मददगार भूमिका और भारतीय जनता पार्टी के लिए नियमों में ढिलाई का दावा करने वाली नई रिपोर्ट पर बीजेपी ने पलटवार किया है.
बीजेपी आईटी सेल के राष्ट्रीय इंचार्ज अमित मालवीय ने ट्वीट कर अंखी दास के साथ आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के कनेक्शन का जिक्र किया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल पर तंज कसते हुए अमित मालवीय ने लि़खा है कि वहां के दिग्गज आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस से अंखी दास की सहानुभूमि को कितना याद कर रहे हैं और बीजेपी के साथ उनके पक्षपातपूर्ण रुख का डंका बजा रहे हैं. अमित मालवीय ने ये तंज कसते हुए कहा कि क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि वे ऐसे लोगों को चाहते हैं जो अनैतिक रूप से वामपंथी हैं?
अमित मालवीय ने अपने इस ट्वीट के साथ अंखी दाख के नाम से लिखे गए एक लेख का भी लिंक शेयर किया है. साथ ही अंखी दास की सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं.
अमित मालवीय ने शेयर किए स्क्रीनशॉट
अंखी दास की एक फेसबुक पोस्ट 25 मार्च 2014 की है. इस पोस्ट के साथ उन्होंने आम आदमी पार्टी कर्नाटक का वीडियो शेयर किया है, जिसमें झाड़ू डांस कैंपेन का वीडियो है. इसकी तारीफ करते हुए अंखी दास ने लिखा है, AAP कर्नाटक द्वारा एक बहुत ही कूल कैंपेन.
एक दूसरी पोस्ट 5 मार्च 2014 की है, जो अंखी दास के फेसबुक अकांउट की है और अमित मालवीय ने शेयर की है. इस पोस्ट में अंखी दास पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ नजर आ रही हैं.
गौरतलब है कि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अंखी दास के इंटरनल मैसेज के आधार पर कुछ अहम खुलासे किए हैं. अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि अंखी दास ने फेसबुक में अहम पद पर होते हुए नियमों का उल्लंघन करते हुए बीजेपी का सहयोग किया और चुनावी कैंपेन में भी फायदा पहुंचाया गया. साथ ही इससे पहली रिपोर्ट में अंखी दास पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने बीजेपी से जुड़े नेताओं की हेट स्पीच के मामले में फेसबुक को कार्रवाई करने से रोका.
वॉल स्ट्रीन जर्नल के इन दावों के बाद देश की राजनीति गरमाई हुई है. कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल बीजेपी पर फेसबुस से गठजोड़ कर फेक न्यूज फैलाने, नफरत फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं. हालांकि, फेसबुक ने बीजेपी को किसी तरह के फेवर से इनकार किया है.