राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च से ठीक पहले विपक्षी दलों को एक बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से अलग से मिलने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है. आज बाराखम्बा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकाले जा रहे मार्च के दौरान विपक्षी नेता मुख्य न्यायाधीश को देश के विभिन्न मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे थे. मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च अदालत के दरवाजे देश के हर नागरिक के लिए हमेशा खुले हैं. कोई भी व्यक्ति, चाहे वह आम नागरिक हो या किसी निर्वाचित निकाय का सदस्य, याचिका दाखिल करके कानून की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रख सकता है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के समक्ष आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करने के बजाय इस तरह अलग से मुलाकात करना उचित नहीं है.