टेक कंपनी जोहो के संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेम्बू ने रविवार को तमिलनाडु के तेनकासी जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में हिस्सा लिया. वेम्बू शंकरनकोविल में आयोजित पथ संचलन में शामिल कई प्रमुख लोगों में से एक थे. यह आयोजन संगठन के विजयादशमी समारोहों के हिस्से के रूप में तमिलनाडु की 100 से अधिक जगहों पर किया गया था.
1 नवंबर का यह कार्यक्रम इस कवायद का दूसरा और अंतिम चरण था. इससे पहले 25 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में मार्च का एक दौर आयोजित किया गया था.
बीजेपी के तेनकासी जिला अध्यक्ष और उद्यमी अनंतन अय्यासामी ने एक्स पर वेम्बू की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे शंकरनकोविल मार्च में हिस्सा लेते हुए दिख रहे हैं.
इन तस्वीरों के साथ एक पोस्ट में अय्यासामी ने कहा कि उन्हें वेम्बु और बीजेपी के जिला और नगर पदाधिकारियों के साथ इस मार्च में शामिल होकर बहुत खुशी हुई. अमेरिका में इंटेल के पूर्व इंजीनियरिंग डायरेक्टर रहे अय्यासामी, वेम्बु को अपना गुरु मानते हैं.
अय्यासामी ने सोमवार को इंडिया टुडे डिजिटल को बताया कि वेम्बू ने तेनकासी शहर में RSS मार्च में शामिल होने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय वे यात्रा पर थे. अय्यासामी ने कहा, "घर लौटने के बाद, वे शंकरनकोविल में मार्च में शामिल हुए."
अय्यासामी के अनुसार वेम्बू तेनकासी क्षेत्र में RSS की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं और नियमित रूप से स्थानीय RSS बैठकों में हिस्सा लेते हैं. वे सांस्कृतिक चर्चाएं और भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित वीकेंड सत्रों को भी प्रायोजित करते हैं.
इस कार्यक्रम के बारे में बताते हुए अय्यासामी ने कहा कि इस मार्च में "देशभक्ति, अनुशासन, एकता और निस्वार्थ सेवा" जैसे मूल्यों की झलक देखने को मिली.
स्थानीय गतिविधियों के अलावा वेम्बू RSS के प्रशिक्षण शिविरों में भी शामिल हुए हैं और RSS प्रमुख मोहन भागवत तथा महासचिव दत्तात्रेय होसबोले सहित संघ के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है. RSS के मुखपत्र 'द ऑर्गेनाइजर' के अनुसार, अय्यासामी ने यह भी बताया कि वेम्बू RSS से जुड़े संगठन 'स्वदेशी जागरण मंच' (SJM) से गहराई से जुड़े हुए हैं.वे स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत और केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल का समर्थन करते हैं।
वेम्बू ने आत्मनिर्भरता पर बात की: अय्यासामी
अय्यासामी ने 'इंडिया टुडे डिजिटल' को बताया कि श्रीधर वेम्बू ने RSS मार्च से जुड़े एक कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भरता, राष्ट्रवाद और राष्ट्र-निर्माण में RSS के योगदान पर चर्चा की. अय्यासामी के मुताबिक, वेम्बू ने कहा, "RSS लोगों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता और न ही जाति या धन के आधार पर किसी को कोई विशेष दर्जा देता है."
अय्यासामी ने बताया कि वेम्बू ने 'सेवा भारती' जैसे संगठनों के माध्यम से काम करने वाले सैकड़ों स्वयंसेवकों की भागीदारी का जिक्र किया. इनमें वे इलाके भी शामिल थे, जहां रहने वाले अधिकांश लोग हिंदू नहीं थे. ज़ोहो (Zoho) के संस्थापक ने "युवाओं से राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.