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संसद के बाद अब सड़क पर प्रदर्शन, महिला आरक्षण बिल गिरने पर आज से BJP का देशव्यापी प्रोटेस्ट

लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए 131वें संविधान संशोधन बिल दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं हो सका. इसके विरोध में बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. वहीं. अब बीजेपी शनिवार से देश भर में प्रदर्शन करने जा रही है.

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बीजेपी देशभर में प्रदर्शन करेगी. (Photo: PTI)
बीजेपी देशभर में प्रदर्शन करेगी. (Photo: PTI)

लोकसभा में शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल पारित नहीं हो सका. ऐसे में बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल की हार के विरोध में बाद बीजेपी बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी में है.

बीजेपी महिला सांसदों ने शुक्रवार को मकर द्वार पर 'कांग्रेस पार्टी हाय-हाय के नारे' लगाए. वहीं, अब बीजेपी शनिवार 18 अप्रैल से देशभर में कई प्रदर्शन आयोजित करेगी. इन प्रदर्शनों में एनडीए के सहयोगी दल भी हिस्सा लेंगे.

बता दें कि महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े. बिल पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े.  

सोशल मीडिया से भड़के जेपी नड्डा

पूर्व बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस बिल के पारित न होने पर निराशा जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, TMC, DMK, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दिखाता है.'

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जेपी नड्डा ने दावा किया कि नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा. उन्होंने कहा, 'ये आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है. 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी. याद रखिए, शक्ति का ये क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है.'

अमिता शाह ने विपक्ष को चेताया

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि शुक्रवार को लोकसभा में बहुत अजीब मंजर दिखा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया. महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है.

यह भी पढ़ें: 20 घंटे से ज्यादा बहस और अंतरात्मा की आवाज पर वोट की अपील, लेकिन लोकसभा में 54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल

अमित शाह ने लिखा, 'मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की ये बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी. विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा.'

देवेंद्र फडणवीस ने भी पोस्ट में लिखा, 'पूरे देश ने विपक्ष का पाखंड देखा. उनके पास हमारी ना रीशक्ति के साथ खड़े होने का ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन वो इसमें असफल रहे. उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों और नारों तक ही सीमित है. उन्होंने प्रगति की जगह राजनीति को चुना. नारी शक्ति वंदन विधेयक के प्रति उनके विरोध ने ये उजागर कर दिया है कि वो वाकई में किसके हितों की सेवा करते हैं. भारत की महिलाएं देख रही हैं और वो इसे नहीं भूलेंगी.'

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