कनाडा के ओंटारियो प्रांत में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को निशाना बनाकर किए गए कथित इमिग्रेशन और कॉलेज एडमिशन फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है. कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने बताया कि लैम्बटन कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर 1.26 लाख कनाडाई डॉलर (करीब 80 लाख रुपये) की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो लोगों पर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से एक आरोपी, लंदन (ओंटारियो) निवासी इमिग्रेशन कंसल्टेंट जैनीशकुमार पटेल के कनाडा छोड़कर फरार होने की आशंका जताई गई है.
CBSA के अनुसार, इस मामले की जांच फरवरी 2025 में शुरू की गई थी. एजेंसी को लैम्बटन कॉलेज से इस संबंध में सूचना मिली थी, जिसके बाद शिकायतकर्ताओं से पूछताछ की गई. जांच में सामने आया कि दो लोगों ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स से कुल 1.26 लाख कनाडाई डॉलर लिए और दावा किया कि यह रकम उनकी कॉलेज ट्यूशन फीस जमा कराने के लिए इस्तेमाल की जाएगी.
हालांकि, जांच में पता चला कि छात्रों का किसी भी कॉलेज प्रोग्राम में दाखिला नहीं कराया गया. इसके बजाय उन्हें फर्जी एनरोलमेंट दस्तावेज सौंप दिए गए, जिससे उन्हें यह विश्वास हो गया कि उनका एडमिशन हो चुका है. CBSA का कहना है कि छात्रों से पैसे लेने के बावजूद उन्हें किसी भी शैक्षणिक कार्यक्रम में रजिस्टर नहीं किया गया.
घर और दफ्तर पर छापा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
जांच के दौरान बॉर्डर अधिकारियों ने एक घर और एक व्यावसायिक परिसर में तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनकी जांच की जा रही है. एजेंसी का मानना है कि इन उपकरणों से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं.
दो आरोपियों पर कई गंभीर धाराएं
मामले में 35 वर्षीय जैनीशकुमार पटेल, जो लंदन (ओंटारियो) का रहने वाला है, और कैम्ब्रिज के 38 वर्षीय हार्दिक दवे पर चार-चार मामलों में 5,000 डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल और Immigration and Refugee Protection Act के तहत गलत जानकारी देने के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं.
दोनों आरोपियों को 10 जुलाई को लंदन की अदालत में पेश होना है. हालांकि, CBSA ने बताया कि जैनीशकुमार पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका है, क्योंकि एजेंसी को आशंका है कि वह कनाडा छोड़कर भाग गया है.
CBSA ने क्या कहा?
दक्षिणी ओंटारियो के लिए CBSA के क्षेत्रीय महानिदेशक माइकल प्रोसिया ने कहा कि एजेंसी इमिग्रेशन धोखाधड़ी के नेटवर्क का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने का काम कर रही है.
उन्होंने कहा, "CBSA के जांच अधिकारी इमिग्रेशन फ्रॉड की योजनाओं का खुलासा कर रहे हैं और अपराधियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए सबूत इकट्ठा कर रहे हैं. ऐसा करके हमारे अधिकारी कानून का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ शोषण का शिकार बनने वाले कमजोर लोगों की भी रक्षा कर रहे हैं."
चार छात्रों के साथ ठगी का आरोप
हालांकि CBSA ने यह नहीं बताया कि इस मामले में कुल कितने शिकायतकर्ता हैं, लेकिन अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार कम से कम चार लोगों के साथ 1 नवंबर 2024 से 18 जून 2025 के बीच कथित धोखाधड़ी की गई.
इमिग्रेशन कंपनी से जुड़ा है आरोपी
जैनीशकुमार पटेल की लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वह एक रेगुलेटेड इमिग्रेशन कंसल्टेंट है और Pascal Immigration Inc. का संस्थापक है. कंपनी की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि उसे कनाडा में इमिग्रेशन और पुनर्वास सेवाएं देने का 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वेबसाइट के मुताबिक कंपनी की शाखाएं कनाडा, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी हैं.
वेबसाइट पर दिया गया कंपनी का लंदन स्थित पता वही है, जो अदालत के दस्तावेजों में पटेल के आवासीय पते के रूप में दर्ज है. मीडिया द्वारा कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन का जवाब नहीं दिया. वहीं, CBSA और लैम्बटन कॉलेज ने भी इस मामले पर तत्काल कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की.
इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या में भारी गिरावट
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या लगातार घट रही है. कनाडा सरकार द्वारा 2024 से स्टडी परमिट की संख्या सीमित किए जाने के बाद ओंटारियो के कई कॉलेजों में विदेशी छात्रों का दाखिला तेजी से कम हुआ है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में कनाडा में स्टडी परमिट धारकों की संख्या 10 लाख से अधिक थी, जो इस वर्ष घटकर लगभग 4.08 लाख रह गई है.
लैम्बटन कॉलेज ने मई में बताया था कि उसके सार्निया, मिसिसॉगा और टोरंटो परिसरों में 2023 के दौरान कुल 12,600 छात्र नामांकित थे, लेकिन उसके बाद दाखिले में लगभग 75 प्रतिशत की गिरावट आई है. कॉलेज के सार्निया कैंपस में इस वर्ष शरद सत्र (Fall Intake) के लिए केवल 2,900 छात्रों के दाखिले का अनुमान है, जबकि तीन वर्ष पहले यह संख्या 5,100 थी. छात्र संख्या में गिरावट के चलते कॉलेज ने 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के लिए 10.2 मिलियन कनाडाई डॉलर के बजट घाटे का अनुमान भी लगाया है.