मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में पूरे हफ्ते लू और भीषण गर्मी से राहत मिले रहने की संभावना है. तापमान सामान्य के आस-पास रह सकता है. IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने की वजह से आस-पास के कई राज्यों में हवा, धूल और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, फिलहाल मॉनसून की दस्तक में भी 2-3 दिन की देरी है.
मौसम विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसका असर पूरे मैदानी इलाकों- राजस्थान, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश तक दिखाई देगा. इस सिस्टम के कारण दिन में गर्मी से कुछ राहत मिलेगी लेकिन हवाओं की रफ्तार बढ़ने से मौसम की अस्थिरता बनी रहेगी.
राजस्थान में तेज धूलभरी आंधी का अलर्ट
राजस्थान के कई इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है. हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बीते दो दिन की तरह फिर पश्चिमी राजस्थान के साथ-साथ पूर्वी भागों में भी धूल उड़ने और विजिबिलिटी कम होने की आशंका है. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
दिल्ली-NCR में हल्की बारिश की उम्मीद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी संभव है. इससे दिल्ली के बढ़ते तापमान में थोड़ी कमी आएगी और वायु गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी में भी सुधार हो सकता है. IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में अगले 4 दिन अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री के बीच रहने वाला है, जबकि आर्द्रता (नमी) 45 से 75 प्रतिशत तक रहेगी. खासकर शाम और रात के समय हल्की बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
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दो दिन बाद फिर एक्टिव होगा नया विक्षोभ
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, दो दिन बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा. इसका व्यापक असर पूरे उत्तर भारत में दिखेगा, जिससे हिमालय क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में मेघ गर्जन, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कहीं-कहीं तेज हवाएं भी चलेंगी.
मॉनसून के लिए अभी थोड़ा और इंतजार
केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की शुरुआत में 2 से 3 दिन की देरी हो गई है. मौसम विभाग के अनुसार, अब 3-4 जून के आसपास मॉनसून केरल तट पर दस्तक दे सकता है. इसके बाद यह धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगा. बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के केरन पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में मॉनसून आमतौर पर अपेक्षित तारीख से दो दिन पहले या बाद में आया है. मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की थी कि मॉनसून 26 मई को केरल में आ जाएगा. हालांकि, यह पूर्वानुमान गलत साबित हुआ और मॉनसून केरल पहुंचने में लेट हो गया है.